तक्षित-शिला वास्तुकला

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भारत की एलोरा गुफाओं में कैलाश मंदिर

तक्षित-शिला वास्तुकला (rock-cut architecture) ठोस पत्थर को तक्षित कर (यानि काटकर व तराशकर) ढांचें, स्थापत्य और मूर्तियाँ बनाने की प्रक्रिया को कहते हैं। अक्सर यह ऐसे स्थानों पर किया जाता है जहाँ बड़े आकारों में शिलाएँ प्राकृतिक रूप से मिलती हैं। यह स्थापत्य इतने बड़े कक्षों के रूप में भी हो सकते हैं, जिनमें मानव निवास कर सकें। इतिहास में कई धार्मिक स्थल भी इस विधि से बनाए गए हैं, जैसे कि भारत की एलोरा गुफाओं में कैलाश मंदिर।[1][2][3]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Bianchi, Robert Steven (2004). Daily Life of the Nubians. Greenwood Publishing Group. p. 227. ISBN 978-0-313-32501-4.
  2. Aidan Dodson. Egyptian Rock-Cut Tombs. Shire Publications 1999.
  3. S. Nagaraju Buddhist Architecture of Western India, c. 250 BC – AD 300 (Agam Kala Prakashan, 1981)