ढंकगिरि

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ढंकगिरि गुजरात के प्रसिद्ध प्राचीन नगर वल्लभीपुर के निकट स्थित जैन तीर्थ स्थान है। ढंकगिरि, 'शत्रुंजय पर्वत' का ही एक नाम है। सातवाहन के गुरु और पादलिप्त सूर के शिष्य सिद्ध नागार्जुन ढंकागिरि में रहकर रसविद्या या 'अलकीमिया' की साधना किया करते थे। इस तथ्य का उल्लेख जैन ग्रंथ 'विविध तीर्थ कल्प' में है-

ढंक पव्वए रायसी हराय उत्तस्स भोपाल नामियं धुअं रूप लावव्ण संपन्नं दठठूणं जायाणुरास्स तं सेवमाणस्स वासु गिणोपूत्तोनागाज्जुणो नाम जाओ।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

  • ढंकगिरि - ढंकगिरि के बारे में सम्पूर्ण जनकारी