डिस्क्रीट फुरिअर रूपान्तर

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डिस्क्रीट फुरिअर रूपान्तर ( discrete Fourier transform (DFT) ) एक रूपान्तर है जो डिस्क्रीट-समय संकेतों को एक दूसरे रूप में बदल देता है। तकनीकी रूप से इसे समय-डोमेन संकेत को आवृत्ति-डोमेन संकेत में परिवर्तन के रूप में समझा जाता है। डिस्क्रीट फुरिअर रूपान्तर, डिस्क्रीट-टाइम फुरिअर रूपान्तर (DTFT) से भिन्न है। व्यावहारिक दृष्टि से डिस्क्रीट फुरिअर रूपान्तर की गणना किसी उपयुक्त त्वरित फुरिअर रूपान्तर (FFT) की सहायता से की जाती है।

परिभाषा[संपादित करें]

डिस्क्रीट फुरिअर रूपानतर, N समिश्र संख्याओं की श्रेणी x0, ..., xN−1 को N दूसरी समिश्र संख्याओं X0, ..., XN−1 में बदल देता है। यह रूपानतर निम्नलिखित सम्बन्ध के अनुसार होता है:

X_k = \sum_{n=0}^{N-1} x_n e^{-\frac{2 \pi i}{N} k n} \quad \quad k = 0, \dots, N-1

जहाँ e^{\frac{2 \pi i}{N}} इकाई का N-वां मूल (Nth root of Unity) है।

कभी-कभी इस रूपान्तर को \mathcal{F} से भी प्रदर्शित किया जाता है। जैसे - \mathbf{X} = \mathcal{F} \left \{ \mathbf{x} \right \} or \mathcal{F} \left ( \mathbf{x} \right ) or \mathcal{F} \mathbf{x}.

व्युत्क्रम डिस्क्रीट फुरिअर रूपानतर (IDFT) निम्नलिखित तरीके से निकाला जाता है:

x_n = \frac{1}{N} \sum_{k=0}^{N-1} X_k e^{\frac{2\pi i}{N} k n} \quad \quad n = 0,\dots,N-1.

प्रमुख उपयोग[संपादित करें]

  • वर्णक्रम का विश्लेषण (Spectral analysis) करने में
  • आंकडों को संप्रेषित करने में ( Data compression )
  • आंशिक अवकलज समीकरण (Partial differential equations) के हल के लिये
  • बडे पूर्णांकों के गुणनफल निकालने में

कुछ डिस्क्रीट-टाइम सिगनल एवं उनके डिस्क्रीट फुरिअर रूपान्तर[संपादित करें]

Some DFT pairs
x_n = \frac{1}{N}\sum_{k=0}^{N-1}X_k \cdot e^{i 2 \pi kn/N} X_k = \sum_{n=0}^{N-1}x_n \cdot e^{-i 2 \pi kn/N} Note
x_n \cdot e^{i 2 \pi nl/N} \, X_{k-l}\, Shift theorem
x_{n-l}\, X_k \cdot e^{-i 2 \pi kl/N}
x_n \in \mathbb{R} X_k=X_{N-k}^*\, Real DFT
a^n\, \frac{1-a^N}{1-a \cdot e^{-i 2 \pi k/N} }
{N-1 \choose n}\, \left(1+e^{-i 2 \pi k/N} \right)^{N-1}\,

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

त्वरित फुरिअर रूपान्तर

वाह्य सूत्र[संपादित करें]