डार्विनवाद

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डार्विनवाद -जैव-उद्विकास (organic-evolution) एवं प्राकृतिक चयन (natuaral selection) से सम्बन्धित चार्ल्स डार्विन के विचारों को डार्विनवाद कहते हैं।

चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन ने जैव विकास की व्याख्या अपनी पुस्तक the origin of species में व्यक्त कि,जिसे डार्विनवाद कहते हैं।

डार्विन ने बताया कि जीवों में प्रजनन के द्वारा अधिक से अधिक संतान उत्पन्न करने की क्षमता होती है । इन संतानों में जीवन अस्तित्व के लिए संघर्ष होता है ।वैसे जीव जीवित रहते हैं जो योग्य गुनवाले होते हैं।

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