ट्रिवार्था का जलवायु वर्गीकरण

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विश्व की जलवायु का निर्धारण करने वाला सबसे प्रमुख कारक तापमान ही है, किन्तु यही एकमात्र कारक नहीं है। जलवायु के निर्धारण में किसी स्थान की समुद्र तल से ऊँचाई, समुद्र से दूरी, हवा और धाराएँ तथा अन्य भौगोलिक स्थितियों का योगदान होता है । अतः केवल तापक्रम के आधार पर जलवायु का वर्गीकरण करना व्यवहारिक नहीं होगा । इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर प्रसिद्ध भूगोलविद् जी.टी. ट्रिवार्था ने जलवायु वर्गीकरण का मध्य मार्ग निकाला । उन्होंने पृथ्वी पर लगभग 15 प्रकार के जलवायु की पहचान की और उन्हें 6 बड़े समूहों में बाँटा । ट्रिवार्था के द्वारा प्रस्तुत किया गया वर्गीकरण ही आज सर्वाधिक मान्य है । इसे हम प्राकृतिक आधार पर किये गये जलवायु का वर्गीकरण कह सकते हैं।

प्राकृतिक वर्गीकरण के अनुसार जलवायु का विभाजन इस प्रकार है -

  • (१) ऊष्ण कटिबन्धीय जलवायु
(क) विषुवत रेखीय जलवायु
(ख) मानसूनी क्षेत्र
(ग) सवानातुल्य जलवायु
  • (2) शुष्क जलवायु
(क) मरुस्थलीय जलवायु
(ख) स्टेपी जलवायु
  • (३) भूमध्यसागरीय जलवायु
  • (४) चीन सदृश्य जलवायु
  • (५) ब्रिटिश सदृश्य जलवायु
  • (६) टैगा जलवायु
  • (७) टूंड्रा सदृश्य जलवायु
  • (८) अल्पाइन या उच्च प्रदेशीय जलवायु

सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]