ज्वालामुखीय क्रेटर

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अफ़्रीका के माउण्ट कैमरून पर ज्वालामुखीय क्रेटर

ज्वालामुखीय क्रेटर ज़मीन में एक गोल आकार का गड्ढा होता है जो किसी ज्वालामुखी के फटने से बन जाता है। आम तौर से इस गड्ढे का फर्श समतल होता है और उसमें एक छेद से पिघले पत्थर, गैस और अन्य ज्वालामुखीय पदार्थ निकलते हैं। कई दफ़ा ज्वालामुखी के अन्दर लावा से भरी हुई गुफा ख़ाली हो जाने से उसकी छत बैठ जाती है और एक क्रेटर-नुमा गड्ढा बना देती है, पर यह क्रेटर नहीं बल्कि एक ज्वालामुखीय कुण्ड या "कैल्डेरा" कहलाता है।

कोस्टा रीका के वोल्कान इरासू नाम के ज्वालामुखी का ज्वालामुखीय क्रेटर

एक ज्वालामुखी क्रेटर ज्वालामुखीय वेंट के चारों ओर एक गोलाकार अवसाद है। यह वह जगह है जहां लावा, राख और चट्टान ज्वालामुखी से निकलती है। ज्यादातर स्थितियों में, ज्वालामुखी क्रेटर ज्वालामुखी के शीर्ष पर स्थित होता है।[1]

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

अंग्रेज़ी में ज्वालामुखीय क्रेटर को "वॉल्कैनिक क्रेटर" (volcanic crater) कहते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". Archived from the original on 11 अक्तूबर 2016. Retrieved 1 नवंबर 2018. Check date values in: |access-date=, |archive-date= (help)