ज्या नियम

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त्रिभुज जिसमे भुजाएँ एवं कोण नामांकित हैं।

त्रिकोणमिति में ज्या नियम या ज्या सूत्र किसी भी त्रिभुज की भुजाओं एवं कोणों के ज्या के बीच संबन्ध बताता है। इसके अनुसार,

 \frac{a}{\sin A} \,=\, \frac{b}{\sin B} \,=\, \frac{c}{\sin C},

यहाँ a, b, तथा c त्रिभुज की भुजाओं की लम्बाइयाँ हैं और A, B, तथा Cुन भुजाओं के सामने के कोण हैं। (सामने के चित्र को देखें)

वस्तुत: यह सूत्र त्रिभुज से संबन्धित निम्नलिखित ज्यामितीय प्रमेय को संख्यात्मक रूप में व्यक्त करता है-

किसी त्रिभुज में बड़ी भुजा के सामने का कोण छोटी भुजा के सामने के कोण से बड़ा होता है।

यदि किसी त्रिभुज के दो कोण एवं कोई एक भुजा ज्ञात हो तो इस सूत्र का प्रयोग करके अन्य दो भुजाएँ ज्ञात की जा सकती हैं। इस तकनीक का त्रिकोणीय सर्वेक्षण में बहुत प्रयोग होता है। इस सूत्र का उपयोग तब भी हो सकता है जब दो भुजाएँ एवं उनमें से किसी एक के सामने का कोण ज्ञात हो। इस स्थिति में इस सूत्र से कुछ स्थितियों में दी हुई भुजाओं के बीच के कोण के दो मान प्राप्त होते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

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