जलविरोधी प्रभाव

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
पत्ते पर गिरी बूंद में जल के अणु जलविरोधी पत्ते से कम-से-कम स्पर्श रखने के लिए सिमटकर गोलाकार बन जाती है

जलविरोधी प्रभाव (hydrophobic effect) अध्रुवीय पदार्थों को जल या जलीय घोलों में डालने पर जल से अलग होकर आपस में एकत्रित होने की प्रवृत्ति को कहते हैं। यह वास्तव में जल के अणुओं की प्रक्रिया है, क्योंकि वे ध्रुवीय होते हैं और उनके विपरीत आवेश (चार्ज) वाले ध्रुव एक दूसरे के समीप रहने की चेष्टा में अध्रुवीय पदार्थ को धकेलकर एकत्रित कर देते हैं।[1][2]

जलविरोधी प्रभाव ही कारण है कि तेल और जल को मिलाकर छोड़ने पर तेल और पानी अलग हो जाते हैं। जीवविज्ञान में कई प्रभाव इसी जलविरोध से देखे जाते हैं, जिनमें कोशिका झिल्ली का बनना, प्रोटीन अणुओं में मुड़ाव बनना, इत्यादि। इसलिए जलविरोधी प्रभाव जीवन के लिए आवश्यक है।[3][4][5][6]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. IUPAC, Compendium of Chemical Terminology, 2nd ed. (the "Gold Book") (1997). Online corrected version:  (2006–) "hydrophobic interaction".
  2. "Interfaces and the driving force of hydrophobic assembly". Nature 437 (7059): 640–7. 2005. doi:10.1038/nature04162. PMID 16193038. 
  3. "Some factors in the interpretation of protein denaturation". Advances in Protein Chemistry 14: 1–63. 1959. doi:10.1016/S0065-3233(08)60608-7. PMID 14404936. 
  4. "The structural dependence of amino acid hydrophobicity parameters". Journal of Theoretical Biology 99 (4): 629–644. 1982. doi:10.1016/0022-5193(82)90191-6. PMID 7183857. 
  5. "The binding of benzoarylsulfonamide ligands to human carbonic anhydrase is insensitive to formal fluorination of the ligand". Angew. Chem. Int. Ed. Engl. 52 (30): 7714–7. 2013. doi:10.1002/anie.201301813. PMID 23788494. 
  6. "Water networks contribute to enthalpy/entropy compensation in protein-ligand binding". J. Am. Chem. Soc. 135 (41): 15579–84. 2013. doi:10.1021/ja4075776. PMID 24044696.