जलविरोधी

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पत्ते की जलविरोधी सतह पर ओस की बूंद अपने-आप को समेटकर गोलाकार हो जाती है

जलविरोधी (hydrophobic) या जलविरागी ऐसा अणु या आण्विक इकाई होती है जो जल को स्वयं से दूर रखने की चेष्टा प्रतीत करता हुआ लगता है, यानि जल से आकर्षित होने की बजाय अपकर्षित प्रतीत होता है। ध्यान योग्य है कि यह वास्तव में जल से दूर नहीं रहता बल्कि जल के अणु एक दूसरे से आकर्षित होते हैं और जलविरोधी पदार्थों से नहीं, जिस से जल अपने-आप में सिकुड़कर जलविरोधी पदार्थों को अपने से अलग कर लेता है। इस से विपरीत जलस्नेही पदार्थ पानी के अणुओं से आकर्षित होते हैं।[1][2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Conformation-Dependent Design of Sequences in Copolymers I," Alexei R. Khokhlov, Springer Science & Business Media, 2006, ISBN 9783540295136, ... Hydrophilic compounds are well soluble in water, but hydrophobic ones are not. Amphiphilic compounds occupy an intermediate position, being able to level off the unprofitable interactions between water and hydrophobic compounds ...
  2. "General Organic and Biological Chemistry," Kenneth W. Raymond, John Wiley & Sons, 2009, ISBN 9780470504765, ... Hydrophobic compounds are water insoluble. Amphipathic compounds have a hydrophobic part and a hydrophilic part ...