छत्तीसगढ़ के जल प्रपात

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MAHENDRA PARIKH - 02.jpg जलप्रपात

चित्रकोट[संपादित करें]

जगदलपुर से 39 किलोमीटर दूर इन्द्रावती नदी पर यह जलप्रपात बनता है। समीक्षकों ने इस प्रपात को आनन्द और आतंक का मिलाप माना है। 90 फुट उपर से इन्द्रावती की ओजस्विन धारा गर्जना करते हुये गिरती है। इसके बहाव में इन्द्रधनुष का मनोरम दृश्य, आल्हादकारी है। यह बस्तर संभाग का सबसे प्रमुख जलप्रपात माना जाता है। जगदलपुर से समीप होने के कारण यह एक प्रमुख पिकनिक स्पाट के रूप में भी प्रसिद्धि प्राप्त कर चुका है।

तीरथगढ[संपादित करें]

जगदलपुर से 39 किलोमीटर दूर मुनगा-बहार नदी, 168 मीटर की चौड़ाई समें 6 मीटर नीचे गिरकर मनोहारी रमणीय प्रपात में परिवर्तित होकर नीचे 20 मीटर गहरे जलकुण्ड में एक टापू का निर्माण करती है। इस टापू में विभिन्न प्रकार के मनमोहक दृश्य, अमूल्य वनस्तपतियां, भगवान शिव व पार्वती के ऐतिहासिक मंदिर सैनानियों को अनायास ही अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

सातधारा[संपादित करें]

इन्द्रावती नदी पर स्थित यह प्रपात सात धाराओं के रूप में नीचे गिरता है। यह जगदलपुर से 68 किलोमीटर दूर बारसूर नगरी से सात किलोमीटर के अन्तराल में अवस्थित है। यह भेड़ाघाट की तरह दर्शनीय है।

महादेव धूमट प्रपात[संपादित करें]

जगदलपुर से 27 किलोमीटर दूर मावली भाटा के पुजारी पारा पर प्रपात स्थित है। शीतकाल में यह अत्यधिक दर्शनीय है। बस्तरवासी इसे तीरथगढ़ जलप्रपात का गुरु जलप्रपात कहते हैं।

कांगेरधारा[संपादित करें]

जगदलपुर के पास कांगेर नदी सुंदर जलप्रपात बनाती है।

चर्रे-मर्रे झरना[संपादित करें]

अंतागढ़ से 15 किलोमीटर दूर सुंदर जलप्रपात है।

मलाजकुण्डम[संपादित करें]

कांकेर से 16 किलोमीटर दूर दूध नदी सुन्दर जलप्रपात का निर्माण करती है। यहां नदी तीन चरण में प्रपात का निर्माण करती है।

गुप्तेश्वर[संपादित करें]

माचकोट बस्तर के पास शबरी नदी यह जलप्रपात बनाती है।

खुसेल झरना[संपादित करें]

नारायणपुर बस्तर में स्थित एक मनोरम पर्वतीय झरना है।

मल्हे इन्दुल[संपादित करें]

सल्गेर नदी बस्तर के कोंटा तहसील के ग्राम करलापार में शबरी से मिलती है। वहीं हइस प्रपात का निर्माण होता है।

पुलपाड़ ईंदुल[संपादित करें]

दन्तेवाड़ा जिले के नकुलनार में यह पुलपाड़ ग्राम में स्थित पर्वतीय प्रपात है।

मिलकुलवाड़ा[संपादित करें]

अबूझमाड़ में ग्राम हांडाबाड़ा के निकट इन्द्रावती नदी इस ऐश्वर्य पूर्ण प्रपात का निर्माण करती है।

रानीदाह[संपादित करें]

जशपुर जिले के पुलपाड़ के पास एक पर्वतीय जलप्रपात है।

राजपुरी प्रपात[संपादित करें]

जशपुर के पास बागीचा के पास यह जलप्रपात स्थित है।

दमेरा प्रपात[संपादित करें]

श्रीनाला जशपुर के पास इसका निर्माण करता है। यह बहुत ही मनोरम जलप्रपात है।

मेंदरी घूमर[संपादित करें]

चित्रकोट-बारसूर मार्ग पर महनार नाला सैकड़ो फीट ऊंचाई से खाई में गिरकर एक आकर्षक प्रपात का निर्माण करता है।

तामड़ा घूमर[संपादित करें]

यह पर्वतीय प्रपात बस्तर में चित्रकोट के समीप ही है।

केन्दाई प्रपात[संपादित करें]

कटघोरा के पास यह प्रपात स्थित है।

चित्रधारा[संपादित करें]

मावलीभाठा जगदलपुर के पास यह जलप्रपात स्थित है।

देवधारा प्रपात[संपादित करें]

यह सरगुजा जिले में स्थित एक पर्वतीय प्रपात है।

अमृलधारा[संपादित करें]

यह भी सरगुजा जिले में स्थित एक पर्वतीय प्रपात है।

चेंदा प्रपात[संपादित करें]

यह भी सरगुजा जिले में स्थित एक पर्वतीय प्रपात है।

रकसगंडा प्रपात[संपादित करें]

यह भी सरगुजा जिले में स्थित एक पर्वतीय प्रपात है।

सहादेवमुड़ा प्रपात[संपादित करें]

यह भी सरगुजा जिले में स्थित एक पर्वतीय प्रपात है।

सूरजधारा[संपादित करें]

यह भी सरगुजा जिले में स्थित एक पर्वतीय प्रपात है।