चतुष्कोटि

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

चतुष्कोटि (तिब्बती : མུ་བཞི, Wylie: mu bzhi) एक तार्किक कथन है जिसमें चार विविक्त फलन (discrete functions) होते हैं। इसका अनेकों कार्यों के लिये उपयोग किया गया है। भारतीय तर्कशास्त्र की परम्परा में यह बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

चतुष्कोटि के अनुसार, कोई कथन निम्नलिखित चार (चतुः) में से कोई एक ही हो सकता है-

  • (१) सत्य (अस्ति)
  • (२) असत्य (नास्ति)
  • (३) सत्य और असत्य दोनों (तदुभयम्)
  • (४) सत्य और असत्य में से कोई नहीं (नोनुभयम्)।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]