गौरव

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गौरव एशियाई मूल का प्रदत्त नाम है। इसका सामान्य अर्थ अभिमान होता है, वह अभिमान जो अपने परिवार अथवा समाज अथवा राष्ट्र के लिए अच्छा नाम कमाता है।

गौरव नाम के प्रसिद्ध व्यक्ति[संपादित करें]

जन्म - आचार्य श्री गौरव निषाद नाविक जी का जन्म भारत की सबसे प्राचीन जाति आदि निषाद वंश में शुक्ल पक्ष गोपा अष्टमी तदार्थ 9 नवंबर सन 1986 दिन रविवार को दिल्ली के कालकाजी क्षेत्र में हुआ|आप के माता पिता का नाम श्री योगराज नाविक {श्री जोगीराज} एवं श्रीमती सोना देवी है, आप अपने माता पिता के जेष्ठ संतान हैं आपसे छोटी आपकी एक बहन और एक छोटा भाई है,

शिक्षा - श्री गौरव नाविक जी की प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा दिल्ली में ही संपन्न हुई, आप ने दिल्ली विश्वविद्यालय से संस्कृत विशेष में स्नातक तथा संस्कृत साहित्य शास्त्र से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की, तत्पश्चात आपने महर्षि दयानंद रोहतक विश्वविद्यालय से शिक्षा शास्त्री की उपाधि प्राप्त की|

राजनैतिक जीवन - श्री गौरव नाविक जी बाल्यकाल से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवक है आपने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के के घोष प्राथमिक एवं प्रथम वर्ष वर्ग का शिक्षण प्राप्त किया है संघ के स्वयंसेवक होने के नाते अपने विश्वविद्यालय जीवन में आप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और आपने सन 2006 से छात्र राजनीति में कदम रखा आप अपने महाविद्यालय इकाई प्रमुख, विभाग कार्यकारिणी सदस्य, विभाग सहमंत्री, विभाग सहप्रमुख, एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रहे, आपने देशबंधु महाविद्यालय से 2006 में उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ा और असफल रहे अपने पुणे 2010 में अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ा आप दूसरी बार भी असफल रहें लेकिन राजनीति मैं आपका कद दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही गया| सन 2011 में आपको भारतीय जनता पार्टी के उत्तर पूर्वी प्रकोष्ठ में महामंत्री का दायित्व मिला, सन् 2012 में आप भारतीय जनता युवा मोर्चा दिल्ली प्रदेश के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए आप 2016 तक इस दायित्व को निभाते रहे| साथ ही इसके अतिरिक्त आप स्वदेशी जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम, जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र, हिंदू संघर्ष समिति, महाराजा निषादराज सेवा समिति, गौ ग्राम यात्रा आदि संगठनों में कार्यरत हैं! वर्तमान में आप हिंदू संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव और महाराजा निषादराज सेवा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हैं|

● गौरव नाविक जी पूर्व में स्वयं का अपना कार्य करते थे, परंतु वर्तमान समय में आप एक निजी क्षेत्र की कंपनी में कार्यरत हैं!