गृह स्वचालन

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एक स्वचालित पशु-पोषक (बिल्ली)

गृह स्वचालन (अंग्रेज़ी:होम ऑटोमेशन या डोमोटिक्स) घरेलु उपकरणों एवं आवासीय स्थानों में स्वचालन के बढ़ते प्रयोग, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम द्वारा स्वचालन के बारे में होता है। यही शब्द इमारत स्वचालन (बिल्डिंग ऑटोमेशन) के लिये भी प्रयोग किया जाता है, जिसमें पूरी इमारत के स्वचालन से आशय होता है। इसमें वातानुकूलन, प्रकाश व्यवस्था, निगरानी, सुरक्षा, दरवाजों व खिड़कियों आदि पर आवागमन दृष्टि व प्रचालन सम्मिलित होते हैं। इस प्रकार के उपकरणों एवं प्रणाली को गृह स्वचालन एवं इनसे सुसज्जित गृह को स्मार्ट होम की संज्ञा दी जाती है। विदेशों में स्मार्ट होम्स का चलन बढ़ रहा है। स्मार्ट होम्स यानी ऐसे घर जहां अधिकांश चीजें तकनीक चालित होती हैं। बटन दबाने पर वहां कई काम एक साथ हो जाते हैं।[1] पूरा घर एक स्मार्ट होम नियंत्रक के संकेत पर चलता है। ये नियंत्रक एक रिमोट की तरह काम करता है जिससे घर का तापमान आदि भी व्यवस्थित हो जाता है। भविष्य में स्मार्ट होम्स की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि वह कितने त्रुटिहीन तरीके से काम कर सकते हैं।

सुविधाएं

एक ऑटोमोवर, बगीचे की घास काटने वाली स्वचालित मशीन।

स्वचालित गृह किसी घर को सुचारू रूप से चलाने के लिए रूपांकित किए जाते हैं। इससे घर के लोगों के समय और पैसे की बचत होती है। एक अच्छी गृह स्वचालन प्रणाली में कई तरह की सुविधाओं का मिश्रण होता है जैसे बगीचे में आवश्यकता अनुसार पानी पहुंचाना या पानी गर्म करने के साधन का काम पूरा होते ही स्वतः बंद (स्विच ऑफ) हो जाना या फिर कमरे का तापमान परिवार के सदस्यों की आवश्यकता अनुसार स्थिर रखना आते हैं। इस प्रकार स्वचालित गृह मितव्ययी भी होते हैं। जिन घरों में छोटे बच्चे और बुजुर्ग होते हैं उनकी सुरक्षा हेतु स्वचालन प्रणाली में चौकन्ने अलार्म प्रणाली होते हैं। यहां तक कि घर-परिवार के लोगों के घर में उपस्थित न होने पर भी ये घर अपने काम में तैनात रहता है। यह घर केवल सुरक्षा ही नहीं बल्कि आराम देने का भी काम करते हैं। इस प्रकार के होम ऑटोमेशन सिस्टम के द्वारा पूरे घर की विद्युत व्यवस्था पर भी नियंत्रण किया जाता है। इनमें टच स्क्रीन एलसीडी मॉनीटर लगे होते हैं जिनपर पूरी इमारत तक को देखा जा सकता है और एक स्थान से ही विद्युत उपकरणों पर नियंत्रण रख सकते हैं। गति को पहचानने वाले मोशन सेंसर के माध्यम से कमरे में किसी की उपस्थिति होने या न होने पर प्रकाश स्वयमेव खुल या बंद हो जायेगा। इसमें एक मुख्य रिमोट कंट्रोल भी उपलब्ध होता है जिससे वातानुकूलन और दूरदर्शन के साथ ही प्रकाश व्यवस्था आदि को भी नियंत्रित कर सकते हैं।[2] घर की सुरक्षा में सिक्युरिटी सिस्टम भी सुचारु रहते हैं। इनमें निकटदर्शी कैमरा (क्लोज सर्किट कैमरा) के साथ बायोमैट्रिक लॉकिंग सिस्टम और बर्गलर अलार्म भी लगा होता है। तिजोरी आदि या निश्चित कमरे तक पहुंचने पर, चहारदीवारी आदि लांघने पर ये अलार्म तेज सायरन सहित बज उठते हैं। यहां तक कि यदि स्वामी घर से बाहर हैं तो उनके मोबाइल पर एसएमएस के द्वारा संदेश आ जाता है।

स्वचालित बर्तन धोने की मशीन (डिशवॉशर)

इन घरों में रहने वालों को खिड़कियों के पर्दे खींचने के लिए या दरवाजे बंद करने के लिए अपने स्थान से उठना नहीं पड़ता, आवश्यकता होने पर एक बटन दबाने भर से यह काम पूरे हो जाते हैं। कुछ लोगों को यह सुविधाएं पसंद आती हैं लेकिन कुछ का कहना है कि इनसे शारीरिक क्रिया में रुकावट आती है और लोगों में आरामतलबी की आदत बढ़ती है। लेकिन यह सुविधाएं उन लोगों के लिए अच्छी होती हैं जो शारीरिक तौर पर अक्षत होते हैं। सुविधाओं के मिलने पर भी इस प्रणाली का रख-रखाव महंगा और निरंतर खर्चीला होता है क्योंकि यह घर तकनीक आधारित होते हैं और इनमें छोटे-छोटी मरम्मत की प्रायः आवश्यकता पड़ती रहती है।

सन्दर्भ

  1. स्मार्ट होम Archived 2015-10-22 at the Wayback Machine। हिन्दुस्तान लाइव।
  2. जीवनशैली को नई परिभाषा दे रहे हैं स्मार्ट होम Archived 2009-05-08 at the Wayback Machine। इकोनॉमिक टाइम्स। २० मई २००८

बाहरी कड़ियाँ