गुरुवार

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गुरुवार सप्ताह का पाँचवा दिन है। इसे बृहस्पतिवार, वीरवार या बीफ़े भी कहा जाता है। यह बुधवार के बाद और शुक्रवार से पहले आता है। मुसलमान इसे ज़ुमेरात कहते हैं क्योंकि यह जुम्मा (शुक्रवार) से एक दिन पहले आता है।

अन्य तथ्य[संपादित करें]

हिन्दू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान् विष्णु को समर्पित है। यह विष्णु की पत्नी, देवी लक्ष्मी की पूजा करने का भी दिन है। कहा जाता है कि गुरुवार का दिन भाग्य और धन के स्वामी की पूजा करने के लिए एक शुभ दिन है।

इस दिन बाल नहीं कटवाना चाहिये। साबुन और तेल का प्रयोग नहीं करना चाहिये। इसके अलावा गुरुवार को बाल भी नहीं धोने चाहिये. धन और विद्या कि हानि होति है। अवधी भाषा में एक कहावत है :-

धना धन से अदरानी, तो बीफे को तेल नहानी।

मतलब अगर आपको लगता है कि आपके पास बहुत सा धन हो गया है तो गुरुवार को तेल लगाना शुरू कर दें।

इस दिन केले की पूजा करनी चाहिए। घर को गोबर से लीपना चाहिए। कलावती कन्या और लीलावती कन्या की कथा सुनने चाहिए। पीला भोजन करना चाहिए।