गीता और संजय चोपड़ा अपहरण मामला

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गीता और संजय चोपड़ा अपहरण मामला नई दिल्ली का 1978 में होने वाला एक कुख्यात अपराध था। दो बच्चे गीता और संजय चोपड़ा को दो युवक रंगा ख़ुश (कुलजीत सिंह) बिल्ला (जसबीर सिंह) ने उन बच्चों के माता-पिता से फिरौती की मांग करने की योजना के तहत अपहरण कर लिया। उनके पिता के नौसेना अधिकारी होने की जानकारी मिलने पर इन अपराधियों ने इरादा बदल दिया। सबूत को खत्म करने के लिए इन लोगों ने बाद में संजय की हत्या की, गीता के साथ बलात्कार किया और फिर उसे भी मार डाला। वे शहर छोड़कर भाग गए।[1] वे कुछ महीने बाद एक ट्रेन में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 1982 में अदालती कार्यवाही के पश्चात इनके अपराध के लिए फाँसी पर लटका दिया गया था।[2]

अपहरण[संपादित करें]

इन बच्चों को 26 अगस्त 1978 से गुमशुदा पाया गया और इनके शव 29 अगस्त 1978 को मिले थे। चिकित्सा-परीक्षा से पुष्टि हुई कि गीता के साथ बलात्कार किया गया था। यह बाद में पता चला कि एक रेडियो शो में भाग लेने के लिए यह लोग कनॉट प्लेस के पास ऑल इंडिया रेडियो स्टेशन के लिए जाने के लिए धौला कुआँ के पास रिज रोड से एक वाहन से सवारी कर रहे थे कि उनका अपहरण कर लिया गया। इन बच्चों को संघर्ष करते देखा गया था जबकि इनके अपहरणकर्ता सरसों के रंग की फिएट तेज़ी से ले जा रहे थे।[3] एक चश्मदीद गवाह ने उस कार का कुछ दूर तक पीछा भी किया। इस कार का हरियाणा नम्बर प्लेट HRK 8930 था। बाद में पता चला कि यह एक चोरी की कार थी, कार में खून के धब्बे मामले में इस्तेमाल फोरेंसिक साक्ष्य का हिस्सा बने थे।[4]

अदलती फ़ैसला[संपादित करें]

दोनों अपराधियों को दोषी पाया और मौत की सजा सुनाई गई थी। दोनों को बाद में फाँसी पर लटका दिया गया था।

प्रभाव[संपादित करें]

1978 में भारतीय बाल कल्याण परिषद ने 16 से कम आयु के बच्चों के लिए दो वीरता पुरस्कार संजय चोपड़ा पुरस्कार और गीता चोपड़ा पुरस्कार की घोषणा की जिन्हें राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के साथ हर साल दिया जाता है। गाजियाबाद में स्कूल गीता-संजय पब्लिक स्कूल के नाम से स्थापित किया गया है।

फिल्म और साहित्य[संपादित करें]

इस कहानी को सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर भंवर धारावाहिक की एक कड़ी में चित्रित किया गया था। गीता के पिता की भूमिका अनंग देसाई ने निभाई जबकि रंगा का किरदार मोहन गोखले ने पर्दे पर प्रस्तुत किया।

यह कहानी सावधान इंडिया @ 11 के एक एपिसोड में भी चित्रित किया गया था।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "State vs Jasbir Singh @ Billa And Kuljeet ... on 16 नवम्बर 1979". Indiankanoon.org. मूल से 13 जनवरी 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2012-09-29.
  2. "Kuljeet Singh alias Ranga vs. Union of India (UOI) and Anr (21.04.1981 - SC)". मूल से 10 अगस्त 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जुलाई 2014.
  3. judgement State vs Jasbir Singh @Billa and Kuljeet Singh 16th November 1979
  4. "State vs Jasbir Singh @ Billa And Kuljeet ... on 16 नवम्बर 1979". Indiankanoon.org. मूल से 13 जनवरी 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2012-09-29.