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गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स

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गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाणपत्र
लेखकक्रेग ग्लेंडे (संपादक)[1]
कवर कलाकारसाइमन जोंस
भाषाअंग्रेज़ी, हिन्दी, अरबी, पुर्तगाली, मंदारिन चीनी, क्रोएशियाई, चेक, डेनिश, डच, ऐस्तोनियन्, फिनिश, फ्रेंच, जर्मन, यूनानी, इब्रानी, हंगरियाई, आइसलैंडियाई, इतालवी, जापानी, लातवियाई, नॉर्वेजियाई, पोलिश, रूसी, स्लोवेनियाई, स्लोवाक, स्पेनिश, स्वीडिश, तुर्की और बल्गेरियाई
शृंखलागिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
विषयविश्व कीर्तिमान
शैलीसूचना
प्रकाशकजिम पैटिसन समूह
प्रकाशन तिथि1955–वर्तमान
प्रकाशन स्थानयूनाइटेड किंगडम
पृष्ठ288 (2011)
287 (2010)
288 (2003–2009)
289 (2008)
आई.एस.बी.एन978-1-904994-37-4

'गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स',एक ब्रिटिश संदर्भ पुस्तक है,जिसे 1955 में अपनी शुरुआत से लेकर 1999 तक द गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के नाम से जाना जाता था और अमेरिका के पूर्व संस्करणों में द गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स कहा जाता था। इसे प्रतिवर्ष प्रकाशित किया जाता है। इसमें मानव उपलब्धियों के साथ-साथ प्राकृतिक दुनिया की चरम सीमाओं से जुड़े विश्व रिकॉर्ड सूचीबद्ध किए जाते हैं। सर ह्यू बीवर ने पबों में होने वाली बहसों का निपटारा करने के उद्देश्य से इस अवधारणा की कल्पना की थी और जुड़वाँ भाइयों नॉरिस तथा रॉस मैकविर्टर ने अगस्त 1955 के अंत में लंदन में इस पुस्तक की सह-स्थापना की।

पहला संस्करण क्रिसमस 1955 तक यूनाइटेड किंगडम में बेस्टसेलर सूची में शीर्ष पर पहुँच गया। अगले वर्ष इस पुस्तक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च किया गया और 2026 के संस्करण तक यह अपने प्रकाशन के 71वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। यह पुस्तक 100 देशों और 40 भाषाओं में प्रकाशित होती है तथा इसके डेटाबेस में 53,000 से अधिक रिकॉर्ड दर्ज है।

10 नवंबर 1951 को, सर ह्यू बीवर, जो उस समय गिनीज़ ब्रुअरीज के प्रबंध निदेशक थे, आयरलैंड के काउंटी वेक्सफ़र्ड में स्लेनी नदी के किनारे स्थित नॉर्थ स्लॉब क्षेत्र में एक शिकार अभियान में शामिल हुए। वहां शिकार के दौरान सुनहरी टिटिहरी (गोल्डन प्लोवर) पर निशाना चूक जाने के बाद, इस बात पर बहस छिड़ गई कि यूरोप का सबसे तेज़ शिकार-पक्षी सुनहरी टिटिहरी है या लाल ग्राउस (दरअसल, टिटिहरी तेज़ होती है, लेकिन दोनों में से कोई भी यूरोप का सबसे तेज़ शिकार-पक्षी नहीं है)। उसी शाम कैसलब्रिज हाउस में उन्हें यह एहसास हुआ कि संदर्भ पुस्तकों में यह पुष्टि करना संभव नहीं है कि सुनहरी टिटिहरी वास्तव में यूरोप का सबसे तेज़ शिकार-पक्षी है या नहीं। बीवर को लगने लगा कि जनता के बीच ऐसे सवालों को लेकर बहसें रोज़ होती होंगी, लेकिन रिकॉर्ड से जुड़ी बहसों का निपटारा करने के लिए दुनिया में कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं है। तभी उन्होंने महसूस किया कि ऐसे प्रश्नों के उत्तर देने वाली एक पुस्तक की आवश्यकता है जो व्यावसायिक रूप से सफल हो सकती है।

नॉरिस मैकविर्टर ने अपने जुड़वा भाई रॉस मैकविर्टर के साथ 1955 में लंदन के 107 फ्लीट स्ट्रीट पर स्थित लडगेट हाउस में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की स्थापना की

बीवर का विचार तब साकार हुआ जब गिनीज़ के कर्मचारी क्रिस्टोफ़र चैटअवे ने विश्वविद्यालय में अध्ययन के दिनों के अपने दो मित्रों नॉरिस और रॉस मैकविर्टर की सिफ़ारिश की जो लंदन में फैक्ट फाइन्डिंग की रिसर्च एजेंसी चलाते थे । अगस्त 1954 में इन जुड़वाँ भाइयों को उस पुस्तक के संकलन का दायित्व सौंपा गया, जो आगे चलकर द गिनीज़ बुक ऑफ (सुपरलैटिव्स और बाद में) रिकॉर्ड्स बनी। प्रचार के उद्देश्य से ब्रिटेन और आयरलैंड के पबों में इसकी एक हज़ार प्रतियाँ निःशुल्क वितरित की गईं, जो ग्राहकों के बीच हाथोंहाथ लोकप्रिय हो गईं।

लंदन के 107 फ़्लीट स्ट्रीट पर लडगेट हाउस के उपरी मंजिल पर द गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड्स कार्यालय की स्थापना के बाद, 198 पृष्ठों वाला इसका पहला संस्करण 27 अगस्त 1955 को प्रकाशित हुआ जो क्रिसमस तक ब्रिटिश बेस्टसेलर सूची में शीर्ष पर पहुँच गया। अगले वर्ष इसे न्यूयॉर्क के प्रकाशक डेविड बोहम द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रकाशित किया गया, जहाँ इसकी 70,000 प्रतियाँ बिकीं। तब से अब तक गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की 100 देशों और 40 भाषाओं में 150 मिलियन से अधिक प्रतियाँ बिक चुकी हैं।

पुस्तक की अप्रत्याशित सफलता के कारण इसके अनेक और संस्करण प्रकाशित किए गए और अंततः हर वर्ष एक संशोधित संस्करण प्रकाशित करने की परंपरा स्थापित हुई। मैकविर्टर बंधुओं ने कई वर्षों तक इसका संकलन जारी रखा। कहना न होगा कि दोनों भाइयों की स्मरण-शक्ति अद्भुत थी। बीबीसी पर 1972 से 2001 तक प्रसारित ब्रिटिश बच्चों के टेलीविज़न कार्यक्रम रिकॉर्ड ब्रेकर्स (जो पुस्तक पर आधारित था) में वे दर्शक-दीर्घा में बैठे बच्चों द्वारा पूछे गए विभिन्न विश्व रिकॉर्ड से जुड़े प्रश्नों के सटीक उत्तर दे देते थे। 1975 में आयरिश रिपब्लिकन आर्मी के दो सदस्यों ने रॉस मैकविर्टर की हत्या कर दी, क्योंकि उन्होंने संगठन के सदस्यों की गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने पर £50,000 का इनाम घोषित किया था। रॉस की हत्या के बाद कार्यक्रम में बच्चों के रिकॉर्ड-संबंधी प्रश्नों के उत्तर देने वाला खंड “नॉरिस ऑन द स्पॉट” कहलाया, और नॉरिस ने पुस्तक के एकमात्र संपादक के रूप में कार्य जारी रखा।

पहली पुस्तक के प्रकाशन के लिए गिनीज़ सुपरलेटिव्स (जो बाद में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स लिमिटेड बना) को 1954 में लंदन में पंजीकृत किया गया। दशकों तक अमेरिका में गिनीज़ पुस्तक के अधिकार स्टर्लिंग पब्लिशिंग के पास रहे, जिन्हें 18 महीनों तक चले मुकदमे के बाद 1989 में गिनीज़ ने पुनः खरीद लिया। यह समूह पहले गिनीज़ पीएलसी और बाद में डायाजियो के स्वामित्व में रहा। लेकिन 2001 में इसे 45.5 मिलियन पौंड (65 मिलियन डॉलर) में गुलाने एंटरटेनमेंट ने खरीद लिया। 2002 में गुलाने को एचआईटी एंटरटेनमेंट ने अधिग्रहित किया। 2006 में एपैक्स पार्टनर्स ने एचआईटी को खरीदा और 2008 की शुरुआत में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को जिम पैटिसन ग्रुप को बेच दिया, जो रिप्ले एंटरटेनमेंट की मूल कंपनी है और गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के संचालन का लाइसेंस रखती है। न्यूयॉर्क सिटी और टोक्यो में कार्यालयों के साथ, गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का वैश्विक मुख्यालय आज भी लंदन के कैनरी व्हार्फ स्थित साउथ की प्लाज़ा में है, जबकि इसके संग्रहालय रिप्ले के मुख्यालय ऑरलैंडो, फ़्लोरिडा में स्थित हैं।


नैतिकता और सुरक्षा से जुड़े विषय

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गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने नैतिक कारणों से कुछ प्रकार के रिकॉर्ड स्वीकार न करने की नीति बनाई है, जैसे कि पशुओं की हत्या या उन्हें नुकसान पहुँचाने से संबंधित रिकॉर्ड। 2006 के गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में कोलंबियाई हत्यारे पेड्रो लोपेज़ को “सबसे अधिक हत्याएँ करने वाला सीरियल हत्यारा” बताया गया था, जिसने कम से कम 110 लोगों की हत्या की थी (जबकि स्वयं लोपेज़ का दावा था कि उसने 300 से अधिक लोगों की हत्या की), ये हत्याएँ उसने 1960 के दशक के उत्तरार्ध से 1980 के दशक के बीच कोलंबिया, इक्वाडोर और पेरू में की थीं। बाद में इस प्रविष्टि को इस शिकायत के बाद हटा दिया गया कि इससे हत्या को एक तरह की प्रतिस्पर्धा का रूप मिलता है, हालांकि 2026 के संस्करण में इस रिकॉर्ड को फिर से शामिल कर लिया गया।

गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के हाल के संस्करणों में व्यक्तिगत लोगों द्वारा किए गए रिकॉर्ड कारनामों पर अधिक ध्यान दिया गया है। प्रतियोगिताएँ ओलंपिक भारोत्तोलन जैसी स्पष्ट प्रतिस्पर्धाओं से लेकर सबसे लंबी दूरी तक अंडा उछालने, या ग्रैंड थेफ्ट ऑटो IV खेलते हुए सबसे अधिक समय बिताने, अथवा तीन मिनट में सबसे अधिक हॉट डॉग खाने जैसी श्रेणियों तक फैली हुई हैं। प्रतियोगिताओं से जुड़े रिकॉर्डों के अलावा, इसमें सबसे भारी ट्यूमर, सबसे विषैला कवक, सबसे लंबे समय तक चलने वाला सोप ओपेरा और सबसे मूल्यवान जीवन-बीमा पॉलिसी जैसे तथ्य भी शामिल होते हैं। कई रिकॉर्ड उन सबसे कम उम्र के लोगों से भी संबंधित होते हैं जिन्होंने कोई उपलब्धि हासिल की हो—जैसे दुनिया के सभी देशों की यात्रा करने वाला सबसे कम उम्र का व्यक्ति, जिसका रिकॉर्ड वर्तमान में मौरिज़ियो जूलियानो के नाम है। प्रत्येक संस्करण में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के डेटाबेस से चुने गए कुछ रिकॉर्ड शामिल किए जाते हैं, साथ ही कुछ नए चयनित रिकॉर्ड भी जोड़े जाते हैं; शामिल किए जाने के मानदंड हर वर्ष बदलते रहते हैं। नवीनतम संस्करण 72वाँ है, जिसे अगस्त 2025 में प्रकाशित किया गया था। 1995 में नॉरिस मैकविर्टर के परामर्शदात्री भूमिका से सेवानिवृत्त होने और इसके बाद डायाजियो पीएलसी द्वारा द गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ब्रांड को बेचने के निर्णय के चलते पुस्तकों का रुझान पाठ-केंद्रित स्वरूप से हटकर चित्रात्मक संदर्भ पुस्तकों की ओर हो गया। पुस्तक के लिए पूरे अभिलेखागार से कुछ रिकॉर्ड चुनकर प्रस्तुत किए जाते हैं, लेकिन गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के सभी मौजूदा शीर्षक कंपनी की वेबसाइट पर लॉगिन बनाकर देखे जा सकते हैं। मौजूदा रिकॉर्ड श्रेणियों के लिए व्यक्तियों द्वारा किए गए आवेदन निःशुल्क होते हैं, जबकि किसी नए रिकॉर्ड शीर्षक का प्रस्ताव रखने के लिए 5 डॉलर का प्रशासनिक शुल्क लिया जाता है।


रिकॉर्ड का आशय

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कई रिकॉर्डों के मामले में गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ही उनके सटीक मानदंड तय करने और यह निर्धारित करने वाली प्रभावी प्राधिकरण संस्था है कि रिकॉर्ड किसके नाम दर्ज होगा। रिकॉर्ड प्रयासों की सत्यता की जाँच के लिए कंपनी आयोजनों में अपने निर्णायक (एडजुडिकेटर) भी नियुक्त करती है। फिर भी गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा कवर किए जाने वाले रिकॉर्डों की सूची स्थिर नहीं है। विभिन्न कारणों से नए रिकॉर्ड जोड़े जा सकते हैं और कुछ रिकॉर्ड हटाए भी जा सकते हैं। आम जनता को रिकॉर्ड के लिए आवेदन करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। ये आवेदन या तो मौजूदा रिकॉर्ड को बेहतर बनाने के लिए हो सकते हैं, या फिर ऐसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों के लिए जो एक नया रिकॉर्ड बन सकती हों। इसके अतिरिक्त, कंपनी कॉरपोरेट सेवाएँ भी प्रदान करती है, जिनके माध्यम से कंपनियाँ “रिकॉर्ड तोड़ने की शक्ति का उपयोग कर अपने व्यवसायों के लिए ठोस सफलता हासिल” कर सकती हैं।

संग्रहालय

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1976 में, एम्पायर स्टेट बिल्डिंग में गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का एक संग्रहालय खोला गया। इसके बाद तेज़ निशानेबाज़ बॉब मंडेन ने द गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रचार के लिए एक दौरा शुरू किया, जिसमें वे वेस्टर्न फ़िल्मों में इस्तेमाल होने वाले एक प्रकार के होल्स्टर से मानक वज़न वाली सिंगल-एक्शन रिवॉल्वर के साथ अपने रिकॉर्ड-तोड़ तेज़ ड्रॉ का प्रदर्शन करते थे। उनका सबसे तेज़ ड्रॉ समय 0.02 सेकंड था। प्रदर्शनों में दुनिया के सबसे लंबे व्यक्ति रॉबर्ट वाडलो और दुनिया के सबसे बड़े केंचुए की वास्तविक आकार की मूर्तियाँ, तलवार निगलने वाले कलाकार की एक्स-रे तस्वीर, बार-बार आकाशीय बिजली की चपेट में आए रॉय सुलिवन की टोपी (जिसमें बिजली से बने छेद थे), तथा $6,500 में बिक्री के लिए रखे रत्न-जड़ित गोल्फ जूतों की एक जोड़ी शामिल थी। यह संग्रहालय 1995 में बंद कर दिया गया। हाल के वर्षों में, गिनीज़ कंपनी ने पुस्तक पर आधारित प्रदर्शनों वाले छोटे संग्रहालयों की फ़्रैंचाइज़िंग की अनुमति दी है, जो (2010 तक) सभी पर्यटकों में लोकप्रिय शहरों टोक्यो, कोपेनहेगन और सैन एंटोनियो में स्थित हैं। इससे पहले लंदन ट्रोकाडेरो, बेंगलुरु, सैन फ़्रांसिस्को, मर्टल बीच, ऑरलैंडो, अटलांटिक सिटी और लास वेगास में भी गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के संग्रहालय और प्रदर्शनियाँ थीं। ऑरलैंडो का संग्रहालय, जो 2002 में बंद हुआ, द गिनीज़ रिकॉर्ड्स एक्सपीरियंस के नाम से ब्रांडेड था। हॉलीवुड, नियाग्रा फॉल्स, कोपेनहेगन और गैटलिनबर्ग के संग्रहालयों में भी पहले यह ब्रांडिंग देखी जाती थी।


सन्दर्भ

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  1. Corporate. Guinness World Records (27 अगस्त 1955). Retrieved on 19 अक्टूबर 2010.

बाहरी कड़ियाँ

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