गणितीय सर्वसमिका

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सर्वसमिका ऐसी समता (equality) को कहते हैं जो उसमें निहित (आये हुए) सभी चरों के सभी मानों के लिये सत्य हो। (किसी समता के दोनो पक्षों का मान चर राशि के केवल कुछ विशेष मानों के लिये ही समान होता है)

कुछ उदाहरण[संपादित करें]

निम्नलिखित सर्वसमिका एक सुज्ञात त्रिकोणमितीय सर्वसमिका है।

 \sin ^2 \theta +  \cos ^2 \theta = 1\,

यह सर्वसमिका \theta के सभी वास्तविक मानों के लिये सत्य है।

जबकि

\cos \theta = 1,\,

\theta के कुछ ही मानों के लिये सत्य है। यह समीकरण  \theta = 0,\, के लिये तो सत्य है किन्तु \theta = 2\, के लिये असत्य।

अन्य उदाहरण
(x + y)^2 \,=\, x^2 + 2xy + y^2

यह एक बीजगणितीय सर्वसमिका है।

 \sin(x \pm y) = \sin(x) \cos(y) \pm \cos(x) \sin(y)

यह एक त्रिकोणमितीय सर्वसमिका है।

 (2^n n!)^{-1} {d^n \over dx^n } \left[ (x^2 -1)^n \right] = 
\sum_{k=0}^n {n \choose k}{-n-1 \choose k} \left({1-x\over 2}\right)^k

यह n डिग्री के लिगेंद्र बहुपद (Legendre polynomial) से संबन्धित सर्वसमिका है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

वाह्य सूत्र[संपादित करें]

  • A Collection of Algebraic Identities
  • EquationSolver - इस जालपृष्ठ पर सुझाई गयी किसी सर्वसमिका की सत्यता की जाँच करके निर्णय देती है कि वह समिका सत्य है या असत्य।