क्रोटाइल अल्कोहल

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क्रोटाइल अल्कोहल[1]
Crotyl alcohol
अन्य नाम (E)-But-2-en-1-ol
Crotyl alcohol
Crotonyl alcohol
2-Butenol
पहचान आइडेन्टिफायर्स
सी.ए.एस संख्या [6117-91-5][CAS]
पबकैम 637922
SMILES
InChI
कैमस्पाइडर आई.डी 13871721
गुण
आण्विक सूत्र C4H8O
मोलर द्रव्यमान 72.10 g/mol
घनत्व 0.8454 g/cm3
गलनांक

25 °C, 298 K, 77 °F

क्वथनांक

121.2 °C, 394 K, 250 °F

जहां दिया है वहां के अलावा,
ये आंकड़े पदार्थ की मानक स्थिति (२५ °से, १०० कि.पा के अनुसार हैं।
ज्ञानसन्दूक के संदर्भ


क्रोटाइल अल्कोहल (Crotyl alcohol), या क्रोटोनिल अल्कोहल (crotonyl alcohol) एक असंतृप्त अल्कोहल है। यह रंगहीन द्रव है जो जल में मध्यम साधारण विलेय (moderately soluble) है। यह अधिकांश कार्बनिक विलायकों में विलेय है। इस अल्कोहल के दो समावय हैं, सिस और ट्रान्स।

अल्कोहल[संपादित करें]

अल्कोहल :-कार्बनिक यौगिक से एक या एक से अधिक हाइड्रोजन परमाणु का प्रतिस्थापन एक या एक से अधिक -O-H समूह द्वारा कर दिया जाए तो बनने वाले यौगिक अल्कोहल कहलाते है। यौगिक मे उपस्थित -OH समूह की संख्या के आधार पर इसे चार भागो मे बाँटा गया है।

मोनो हाइड्रिक अल्कोहल

डाइ हाइड्रिक अल्कोहल

ट्राई हाइड्रिक अल्कोहल

पॉली हाइड्रिक अल्कोहल

मोनो हाइड्रिक अल्कोहल :- जब कार्बनिक यौगिक से एक हाइड्रोजन परमाणु का प्रतिस्थापन एक -OH समूह द्वारा कर दिया जाता है तो इससे प्राप्त अल्कोहल मोनो हाइड्रिक अल्कोहल कहलाती है। इसे जल का मोनो एल्किल व्युत्पन्न माना जाता है। इसका सामान्य सूत्र +1CnH2nOH है। इसे तीन भागो मे बाँटा गया है :- 1. प्राथमिक अल्कोहल :- जब प्राथमिक कार्बन से हाइड्रोजन परमाणु का प्रतिस्थापन -OH समूह द्वारा कर दिया जाता है तो प्राथमिक अलकोहल बनता है। जैसे :- मेथेनॉल। द्वितीयक अल्कोहल :- जब द्वितीयक कार्बन से हाइड्रोजन परमाणु का प्रतिस्थापन -OH समूह द्वारा कर दिया जाता है तो द्वितीयक अल्कोहल बनता है। जैसे :- 2-प्रोपेनॉल तृतीयक अल्कोहल :- जब तृतीयक कार्बन से हाइड्रोजन परमाणु का प्रतिस्थापन -OH समूह द्वारा कर दिया जाता है तो तृतीयक अल्कोहल बनता है। जैसे :- मेथिल प्रोपेन 2-ऑल।

उद्योग में अल्कोहल[संपादित करें]

उद्योग में मेथिल एल्कोहल तथा एथिल एल्कोहल का प्रमुख स्थान है। कुछ समय पहले तक व्यापारिक मात्रा में मेथिल ऐल्कोहल केवल लकड़ी के शुष्क आसवन द्वारा ही प्राप्त किया जाता था। इस विधि में लकड़ी को लोहे के बड़े-बड़े बकयंत्रों (रिटॉर्टों) में, जिनमें शीतक लगे रहते हैं, हवा की अनुपस्थिति में ५००° सेंटीग्रेड पर गर्म करने से निम्नलिखित पदार्थ बनते हैं : (क) काष्ट गैंस यह गैसों का मिश्रण तथा एक उपयोगी ईधंन है। इसमें मिथेन, कार्बन मोनोक्साइड और हाइड्रोजन की मात्रा अधिक तथा एथेन, अथिलीन और ऐसिटिलीन की मात्रा कम होती है। (ख) एक द्रव-स्रव (डिस्टिलेट) जो स्थिर होने पर दो परतों में अलग हो जाता है। ऊपरवाले द्रव परत को पाइरोलिगनस अम्ल कहते है; इसमें ऐसिटिक अम्ल १०% तक, मेथिल ऐल्कोहल २ से ४% तक तथा अन्य पदार्थ, जैसे ऐसिटोन आदि अति न्यूना मात्रा में होते हैं। नीचे की काली परत को काष्ट तारकोल कहते हैं; इसमें फिनोल श्रेणी के तथा कुछ दूसरे यौगिक रहते हैं। (ग) लकड़ी का कोयला जो बकयंत्रों से बच रहता है। पाइरोलिगनस अम्ल में से अम्ल कैल्सियम ऐसिटेट के रूप में अलग कर लिया जाता है; अब जो द्रव बच रहता है उसमें से चूने की बरी द्वारा ऐसीटोन अलग कर लेते हैं। इस काष्ट

स्पिरिट में शुद्ध मेथिल ऐल्कोहल ७० से ८०% तक होता है। इस विधि में व्यय अधिक तथा ऐल्कोहल की प्राप्ति कम होती है। अत: उद्योग के लिए ऐल्कोहल ण संश्लेषविधि द्वारा तैयार करते हैं। पचास या इससे अधिक वायुमंडल दाब पर जल-गैस को किसी उपयुक्त उत्प्रेरक (ज़िंक आक्साइड+क्रोमियम आक्साइड; या ज़िंक आक्साइड+ताम्र आक्साइड) के साथ ४००° सें. पर गर्म करने से मेथिल ऐल्कोहल बनता है। मेथिल ऐल्कोहल तीव्र विषैला

FOFRMULA

पदार्थ है। अत: इसका मुख्यतम उपेयाग एथिल ऐल्कोहल को अपेय बनाने के लिए होता है। लाह और रेज़िन के लिए, जिनका उपयेग वार्निश तथा पॉलिश के उद्योग में होता है यह एक उपयुक्त विलेयक है। इसका आक्सीकरण करने से फार्मैलिल्डऐमाइन, कृत्रिम रंग, औषधि तथा सुगंधित पदार्थों के निर्माण में भी इसका अधिक उपयोग होता है। <ref>https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%B2<ref>

क्रोटाइल अल्कोहल[संपादित करें]

क्रोटाइल अल्कोहल ,क्रोटाइल या अल्कोहल , एक असंतृप्त शराब है। यह एक रंगहीन तरल है कि मामूली सबसे कार्बनिक सॉल्वैंट्स के साथ पानी में घुलनशील और विलेयशील है। इस शराब के दो isomers मौजूद हैं, सीआईएस और ट्रांस।

यह crotonaldehyde का हाइड्रोजनीकरण द्वारा संश्लेषित किया जा सकता है। यौगिक क्रोटाइल छोटे वाणिज्यिक हित के लिए है। एक समूह सूत्र RCH2CH = CHCH3 के साथ एक कार्बनिक कार्यात्मक समूह है। व्यवस्थित, यह एक लेकिन-2-एन-1-YL समूह कहा जाता है और ज्यामितीय संवयविता दर्शाती है, या तो सीआईएस (जेड) या ट्रांस (ई) किया जा रहा है। वहाँ कई सरल यौगिकों जिसमें क्रोटाइल समूह रूपों आधार कार्बन श्रृंखला हैं:क्रोटाइल शराब, crotonaldehyde, crotonic एसिड, और क्रोटाइल acrylate उदाहरण हैं। <ref>https://en.wikipedia.org/wiki/Crotyl<ref>

फौरम्यूला

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Merck Index, 11th Edition, 2604