कौमार्य

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कौमार्य (अंग्रेज़ी: Virginity) एक ऐसी अवस्था होती है जिसमें व्यक्ति ने कभी भी संभोग नहीं किया होता है। सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं में विशेष रूप से अविवाहित महिलाओं, निजी पवित्रता के विचार के साथ जुड़े मामलों और मूल्यों आदि को विशेष मूल्य और महत्व दिया गया है। सतीत्व अथवा शुद्धता की तरह ही, कौमार्य की अवधारणा में भी परंपरागत रूप से शादी से पहले यौन संयम रखना शामिल है और शादी के बाद ही अपने जीवन साथी के साथ यौन क्रियाओं में संलग्न होना है।

शादी से पहले संभोग (अंग्रेज़ी: Premarital Sex), जो यौन गतिविधियों के एक से अधिक अवसर को इंगित करता है, इसके विपरीत, कौमार्य की अवधारणा को आम तौर पर नैतिक या धार्मिक मामलों या सामाजिक हैसियत के संदर्भ में और पारस्परिक संबंधों में परिणामों के रूप में देखा जा सकता है।

शब्द मूल रूप से केवल यौन अनुभवहीन महिलाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन विभिन्न परिभाषाओं की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है, जो इसे पारंपरिक, आधुनिक और नैतिक अवधारणाओं के रूप में परिभाषित करते हैं।[1][2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. See here and pages 47-49 for male virginity, how gay and lesbian individuals define virginity loss, and for how the majority of researchers and heterosexuals define virginity loss/"technical virginity" by whether or not a person has engaged in vaginal sex. Laura M. Carpenter (2005). Virginity lost: an intimate portrait of first sexual experiences. NYU Press. पृ॰ 295 pages. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-8147-1652-0, 9780814716526. http://books.google.com/books?id=pXXZn_qSoDoC&dq=Virginity+Lost:+An+Intimate+Portrait+of+First+Sexual+Experiences&source=gbs_navlinks_s. अभिगमन तिथि: October 9, 2011. "Many studies, moreover, seemed uncritically to lump nonvirgin teens (so designated if they'd had vaginal sex) together with their alcohol–and drug–using peers 'at risk' for negative outcomes from unintended pregnancy and STIs (sexually transmitted infections) to academic failure and low self-esteem."