किरणपुंज रेखा

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फ्रांस के सिन्क्रोट्रान सोलिल (SOLEIL) की योजना: इसमें विशाल केन्द्रीय वलय (लाल रंग में चित्रित) में इलेक्ट्रान घूमते हैं और जहाँ वे अपने पथ से मोड़े जाते हैं वहाँ सिन्क्रोट्रान विकिरण निकालते हैं। यह सिन्क्रोट्रान आठ स्पर्शरेखीय बीमलाइनों में ले जाया जाता है जहाँ विभिन्न प्रकार के प्रयोग किए जाते हैं।

कण त्वरक के सन्दर्भ में किरणपुंज रेखा (बीमलाइन / beamline) से अभिप्राय किररणपुंज अथवा कणपुंज के गमनपथ से है जिसके अन्तर्गत किरणपुंज के मार्ग में आने वाले सभी अवयव (निर्वात नली/पाइप, विभिन्न प्रकार के चुम्बक, नैदानिक युक्तियाँ, प्रकाशीय युक्तियाँ आदि) भी सम्मिलित हैं। बीमलाइन प्रायः दो प्रकार की होती है-

बीमलाइनों का अन्त प्रायः एक प्रायोगिक स्टेशन के रूप में होता है जहाँ कणपुंज (particle beams) या सिन्क्रोट्रान से प्राप्त सिन्क्रोट्रान प्रकाश या स्पालेशन स्रोत से प्राप्त न्यूट्रान का उपयोग किया जाता है। यहाँ किए जाने वाले प्रयोग मुख्यतः पदार्थ विज्ञान, भौतिकी, रसायन, तथा आणविक जीवविज्ञान से सम्बधित होते हैं।