कालोरिस द्रोणी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
मेसेंजर यान द्वारा खींचा गया कालोरिस द्रोणी का चित्र

कालोरिस द्रोणी (अंग्रेज़ी: Caloris Basin) या कालोरिस प्लानितिया (अंग्रेज़ी: Caloris Planitia) बुध ग्रह (मरक्यूरी) पर स्थित एक बड़ा प्रहार क्रेटर है। इसका व्यास १,५५० किमी (९६० मील) है। हमारे सौर मंडल में यह सबसे विशाल प्रहार द्रोणियों में से एक गिना जाता है। बुध ग्रह का एक रुख़​ सदैव सूरज की ओर होता है, जिसके कारण बुध के एक गोलार्ध (हेमिसफियर) में हमेशा रोशनी और दूसरे में हमेशा रात रहती है। कालोरिस द्रोणी उस रेखा पर स्थित है जो ठीक इन अनंत दिन-रात वाले गोलार्धों के बीच है। इस क्रेटर की सीमा पर २ किमी ऊंचे पहाड़ों का घेरा है।[1]

नामोत्पत्ति[संपादित करें]

लातीनी भाषा में 'कालोर' (Calor) शब्द का मतलब 'गरमी' होता है।

भौगोलिक उत्पत्ति व खोज[संपादित करें]

कालोरिस द्रोणी पहली बार १९७४ में देखी गई। खगोलशास्त्री अनुमान लगाते हैं कि इसे बनाने के लिये लगभग १०० किमी के व्यास वाली कोई खगोलीय वस्तु बुध से जा टकराई। उनका अंदाज़ा है कि यह आज से लगभग ३.८ या ३.९ अरब वर्षों पहले हुआ जब हमारे सौर मंडल का निर्माण हो रहा था। उस काल में ऐसी कई बड़ी पथरीली वस्तुएँ हमारे सौर मंडल में मौजूद थीं और ग्रहों पर प्रहार करती रहती थीं।[2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Shiga, David (2008-01-30). "Bizarre spider scar found on Mercury's surface". NewScientist.com news service.
  2. Coffey, Jerry (July 9, 2009). "Caloris Basin". Universe Today. Retrieved July 1, 2012.