कम्प्यूटर प्रोग्रामन की भाषाओं का इतिहास

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कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग की भाषाओं का इतिहास
प्रोग्रामन की भाषाओं का चित्रमय इतिहास

प्रोग्रामिंग भाषाओं में अद्यतन रुझान[संपादित करें]

व्यवसाय और अनुसंधान दोनों में ही प्रोग्राम-संबंधी भाषाओं का विकास-क्रम जारी है। कुछ अद्यतन रुझान इस प्रकार हैं:

  • भाषाओं में सुरक्षा एवं विश्वसनीयता की जाँच के लिये प्रावधान किये जा रहे हैं। जैसे - वृहद स्थैतिक जाँच (static check), सूचना के प्रवाह की जाँच (information flow control), स्थैतिक सूत्र-सुरक्षा (static thread safety)
  • माड्युलरिटी के लिये वैकल्पिक प्रावधान; जैसे- mixins, delegates, aspects
  • अवयवोन्मुखी-साफ्टवेयर विकास (Component-oriented software development)
  • मेट-प्रोग्रामिंग (Metaprogramming), रिफ्लेक्शन (reflection) या abstract syntax tree
  • आँकड़ा आधार, जैसे क्षमल (XML) और सम्बन्धात्मक आँकड़ा आधार (relational databases) के साथ एकीकरण पर जोर ;
  • प्रोग्रामिंग भाषाओं में भी मुक्त स्रोत के दर्शन को बढ़ावा मिल रहा है। जैसे GNU compiler collection तथा हाल में आयी भाषाएँ - जैसे पाइथन (Python), रूबी (Ruby), तथा स्क्वीक (Squeak) आदि।
  • यूनिकोड को समर्थन : इससे प्रोग्राम के स्रोत, कोड आस्की (ASCII) तक ही सीमित न होकर गैर-लैटिन लिपियों के लिये भी सुलभ रहेंगे।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]