कपालेश्वर मंदिर

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Kapaleshwar Mahadev Temple
कपालेश्वर महादेव मंदिर
Kapaleshwar Temple.jpg
धर्म संबंधी जानकारी
सम्बद्धताहिंदू धर्म
डिस्ट्रिक्टकानपुर देहात
अवस्थिति जानकारी
राज्यउत्तर प्रदेश
देशFlag of India.svg भारत
भौगोलिक निर्देशांक26°35′N 79°42′E / 26.59°N 79.70°E / 26.59; 79.70निर्देशांक: 26°35′N 79°42′E / 26.59°N 79.70°E / 26.59; 79.70
वास्तु विवरण
प्रकारHindu temple architecture
वेबसाइट

कपालेश्वर मंदिर यह शिव मंदिर प्रकृति की सुरम्य गोद में उत्तर प्रदेश के नगर डेरापुर, कानपुर देहात के दक्षिण दिशा में प्रवाहित होने वाली सेंगुर नदी के उत्तर - पूर्व दिशा में स्थित जंगल के 100 फ़ीट ऊँचे टीले पर बना हुआ है। श्री कपालेश्वर मंदिर के निर्माता पंडित कनोजी लाल मिश्र असिस्टेंट कमिश्नर को स्वप्न में इस मंदिर के निर्माण तथा समाधि को यथावत रखने का आदेश हुआ उन्होंने तुरंत पेन्शन लेकर मंदिर का निर्माण 1894 में करा दिया किंतु उनकी मृत्यु मंदिर निर्माण पूर्ण होने से पहले हो गयी जिसकी पूर्ति उनके सृपुत्र पंडित शिव कुमार मिश्र ने की। अपनी मृत्यु तिथि ज्ञात होने के कारण वह मंदिर का निर्माण शीघ चाहते थे शीघता के कारण मंदिर का मठ छोटा हो गया। अस्तु इसी मठ के ऊपर दूसरा मठ बनाया गया। प्रत्येक सावन के माह में भक्तो की अपार भीड़ होती है यह मंदिर आस पास के नगरों में भी आस्था का केंद्र है। मंदिर का रख रखाव सरवराकर करुणेश नारायण मिश्र के द्वारा किया जाता है [1]

स्थिति[संपादित करें]

यह मंदिर डेरापुर नगर के उत्तर- पूर्व में सेंगुर नदी के बायीं ओर स्थित सुरम्य जंगल में स्थित 100 फ़ीट ऊँचे टीले पर बना है। मंदिर डेरापुर -रूरा रोड पर लगभग एक किलोमीटर दूर बने विद्युत् घर की पूर्व दिशा में 500 मीटर की दूरी पर स्थिति है।

नामकरण[संपादित करें]

Kapaleshwar Temple (Internal view)

इस मंदिर के नामकरण का अपना एक अलग ही महत्व रखता है। इस मंदिर का निर्माण दैव स्वप्न के पश्चात् किया गया। इस स्वप्न में यह आदेशित किया गया कि जंगल के सबसे ऊँचे टीले में भूमि के अंदर समाधि के ऊपर शिवलिंग स्थापित है इसी के ऊपर मंदिर का निर्माण कराया जाय। इस प्रकार इस मंदिर का नाम कपालेश्वर महादेव रखा गया। कपालेश्वर महादेव में लोगों की अपार श्रद्धा है। श्रद्धालु कहते हैं कि पील पाँव / (पैर का फाइलेरिया ) का मरीज इस मंदिर में आकर दर्शन करता है तो वह स्वस्थ होकर पहलवान की तरह लौटता है। इस लिए भक्त लोग इस मंदिर को पील पहलवान का मंदिर भी कहते हैं।


यातायात[संपादित करें]

इस मंदिर का निकटतम रेलवे स्टेशन रूरा 13 किलोमीटर दूर उत्तर दिशा में है। रूरा रेलवे स्टेशन उत्तर मध्य रेलवे का मुख्य स्टेशन है। यहां एक्सप्रेस और सुपर फ़ास्ट गाड़ियां भी ठहरती हैं। रूरा से इस मंदिर तक पहुँचने के लिए बस एवम टैक्सी उपलब्ध रहती हैं। राजमार्ग आगरा -कानपुर पर स्थित मुंगीसापुर से टैक्सी द्वारा इस मंदिर तक पहुंच जा सकता है। मुंगीसापुर से इस मंदिर की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है।

मेला[संपादित करें]

महाशिवरात्रि एवम श्रावण के महीने में प्रत्येक सोमवार को मेले का आयोजन होता है।

चित्र वीथी[संपादित करें]

कपालेश्वर मंदिर (spacial view) File:kapaleshwar Trmp

सन्दर्भ[संपादित करें]