औद्योगिक नीति

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किसी देश की औद्योगिक नीति (industrial policy) वह नीति है जिसका उद्देश्य उस देश के निर्माण उद्योग का विकास करना एवं उसे वांछित दिशा देना होता है।

औद्योगिक नीति का अर्थ सरकार के उन निर्णयों एवं घोषणाओं से है जिसमें उद्योगों के लिए अपनायी जाने वाली नीतियों (Policy) का उल्लेख होता है। सरकार द्वारा बनाई गई औद्योगिक नीति से उस देश के औद्योगिक विकास के निम्नलिखित तथ्यों का पता चलता हैः

  • औद्योगिक विकास की कार्य योजना एवं कार्य योजना की रणनीति क्या होगी?
  • औद्योगिक विकास में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की भूमिका क्या होगी?
  • औद्योगिक विकास में विदेशी उद्यमियों (Foreign investors) एवं विदेशी पूंजी निवेश की दिशा क्या होगी?

राजस्थान की औद्योगिक नीति में राजस्थान सरकार ने उद्योग विभाग का नाम बदल कर वाणिज्य विभाग कर दिया है यह 19 अगस्त 2021 से लागू हे राजस्थान का राज्य मूल्य वर्धन में 24.67% का योगदान है जो बढ़ कर 27.81हो गया है कोटा को राजस्थान का कानपुर कहते है व राजस्थान में शून्य उद्योग वाले जिले बाड़मेर जैसलमेर चुरू सिरोही हैं "प्रथम" उद्योग नीति 21जून 1978 मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत थे "दूसरी" उद्योग नीति अप्रैल 1991 मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत तृतीय उद्योग नीति 15 जून 1994 मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत चतुर्थ उद्योग नीति 4 जून 1998 मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत

पंचम उद्योग नीति जून 2010 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

छठी उद्योग नीति8 जून 2015 मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया सातवीं नई औद्योगिक विकास नीति 19 दिसंबर 2019 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

भारत की औद्योगिक नीतियाँ[संपादित करें]

१९४७ में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से अब तक भारत ६ बार औद्योगिक नीति की घोषणा कर चुका है, जो कि निम्नलिखित हैं:

  • पहली औद्योगिक नीति 1948,
  • दूसरी औद्योगिक नीति 1956,
  • तीसरी औद्योगिक नीति 1977,
  • चौथी औद्योगिक नीति 1980,
  • पाँचवीं औद्योगिक नीति 1990,
  • छठी औद्योगिक नीति 1991

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]