ओगताई ख़ान

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ओगताई ख़ान, जो मंगोल साम्राज्य का दूसरा ख़ागान (सर्वोच्च ख़ान), और चंगेज़ ख़ान और बोरते का तीसरा पुत्र था

ओगताई ख़ान (मंगोल: Өгэдэй, ओगदेई; फ़ारसी: اوگتای‌, ओगताई, अंग्रेजी: Ögedei;; जन्म: ११८६ ई अनुमानित; देहांत: ११ दिसम्बर १२४१ ई) मंगोल साम्राज्य के संस्थापक चंगेज़ ख़ान और उसकी मुख्य पत्नी बोरते का तीसरा पुत्र था और पूरे साम्राज्य का दूसरा ख़ागान (सर्वोच्च ख़ान) था। उसने अपने पिता के ईरान, चीन और मध्य एशिया को मंगोल साम्राज्य के अधीन करने के अभियान में बहुत हिस्सा लिया। उसे एक क़ाबिल और सहासी सिपहसालार माना जाता है। कहा जाता है कि ओगताई अपने पिता का सब से प्रिय बेटा था। उसमें किसी भी बहस में लोगों का मत जीत लेने की क्षमता थी। बड़े कद-बुत और शक्तिशाली व्यक्तित्व वाला ओगताई हँसमुख और बुद्धिमान भी माना जाता था।[1][2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Genghis Khan: Conqueror of the World, Leo de Hartog, Tauris Parke Paperbacks, 2004, ISBN 978-1-86064-972-1, ... There is no doubt that Genghis Khan owed his conquests west of Mongolia to his three eldest sons. During their father's lifetime Jochi, Chaghatai and Ogodei already enjoyed their rights in the apanages they had been allotted ...
  2. Genghis: Birth of an Empire, Conn Iggulden, Random House Digital, Inc., 2010, ISBN 978-0-385-34421-0, ... it was because his second son, Chagatai, refused to accept Jochi as their father's successor that later Genghis named his third son, Ogedai, as heir ...