ऍथेल्स्तन

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ऍथेल्स्तन
Æthelstan presenting a book to Saint Cuthbert
सेंट कुथबर्ट को पुस्तक भेंट करता हुआ ऍथेल्स्तन। धर्मकथा की एक पुस्तक में चेस्टर ली स्ट्रीट में स्थित संत की समाधि पर पुस्तक भेंट करने का यह चित्रण किसी अंग्रेज राजा का प्राचीनतम बचा हुआ चित्र है। उसने अपने सिर पर वही मुकुट पहना है जो उसके समय के सिक्कों में प्रदर्शित है।[1]
ऐंग्लों-सक्सनों का राजा
शासनकाल 924–927
राज्याभिषेक 4 सितम्बर 925
पूर्वाधिकारी एडवर्ड द एल्डर या ऍल्फवियर्ड
उत्तराधिकारी स्वयं (अंग्रेजों के राजा की तरह)
अंग्रेजों का राजा
शासनकाल 927 – 27 अक्टूबर 939
पूर्वाधिकारी स्वयं(ऐंग्लो-सैक्सनों के राजा के तौर पर)
उत्तराधिकारी एडमंड प्रथम
राजघराना वेसेक्स राजघराना
पिता एडवर्ड द एल्डर
माता एग्व्यिन
जन्म c. 893/895
वेसेक्स
मृत्यु 27 अक्टूबर 939
ग्लूसेस्टर
कब्र मैल्म्सबरी मठ
धर्म चाल्सेडोनिया का ईसाई धर्म

ऍथेल्स्तन (Æthelstan) (पुरानी अंग्रेजी: Æþelstan, Æðelstān, अर्थात "कुलीन पत्थर"; c. 894 – 27 अक्टूबर 939) ९२४ से ९२७ ई॰ तक ऐंग्लों-सक्सनों का राजा और ९२७ से ९३९ ई॰ तक अंग्रेजों का राजा था।[a] वह राजा एडवर्ड द एल्डर और उसकी पहली पत्नी एग्व्यिन का बेटा था। आधुनिक इतिहासकार उसे इंग्लैंड का पहला राजा और ऐंग्लों-सैक्सनों के महानतम राजाओं में से एक मानते हैं। उसने कभी शादी नहीं की और उसके बाद उसका सौतेला भाई एडमंड प्रथम इंग्लैंड का राजा बना।

जब एडवर्ड की जुलाई ९२४ ई॰ में मृत्यु हो गयी तब ऍथेल्स्तन को मर्सिया के लोगों ने अपना राजा स्वीकार कर लिया। उसका सौतेले भाई ऍल्फवियर्ड संभवत: वेसेक्स का राजा घोषित हुआ था लेकिन अपने पिता की मृत्यु के कुछ ही दिनों बाद उसका भी देहांत हो गया। कुछ महीनों तक ऍथेल्स्तन को वेसेक्स में गतिरोध झेलना पड़ा लेकिन सितम्बर ९२५ में वहाँ भी उसका राज्याभिषेक हो गया। ९२७ ई॰ में उसने अंतिम बचे हुए वाइकिंग साम्राज्य स्कैन्डिनेविया के यॉर्क पर भी आधिपत्य जमा लिया और पूरे इंग्लैंड में शासन करने वाला पहला आंग्ल-सैक्सन राजा बन गया। ९३४ में उसने स्कॉटलैंड पर धावा बोला और कॉन्स्टेनटाइन द्वितीय को हथियार डालने पर मजबूर कर दिया, लेकिन ऍथेल्स्तन के शासन का वाइकिंगों और स्कॉटों ने भारी विरोध किया और सन् ९३७ में इंग्लैंड पर आक्रमण कर दिया। ऍथेल्स्तन ने उन्हें ब्रुनान्बर की लड़ाई में हरा दिया। इस विजय ने उसे ब्रिटिश आइल्स और पूरे महाद्वीप में बहुत ख्याति दिलाई। ९३९ ई॰ में उसकी मृत्यु के पश्चात वाइकिंगों ने पुन: यॉर्क पर अधिकार कर लिया जिसे फिर ९५४ ई॰ में ही वापस पाया जा सका।

ऍथेल्स्तन ने सरकार का केंद्रीकरण कर दिया; उसने सरकारी अधिकारपत्रों के जारी होने पर अपना नियंत्रण स्थापित किया और विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों को अपनी परामर्श समिति और दरबार में जगह दी। उसकी दरबारी सभाओं में उसके अधिकार क्षेत्र के बाहर के राज्यों, खासकर वेल्स, के राजाओं की भी उपस्थिति होती थी जिन्होंने उसका आधिपत्य स्वीकार कर लिया था। उसके समय के अन्य राजाओं की तुलना में अधिक कानूनी दस्तावेज आज भी सुरक्षित बचे हुए हैं। ये दस्तावेज आपराधिक घटनाओं, लूट-पाट और सामाजिक असुरक्षा के विषयों पर उसकी गहरी रूचि और चिंता दर्शाते हैं। उसके कानूनी सुधार उसके दादा अल्फ्रेड महान के कानूनों पर आधारित थे। ऍथेल्स्तन पश्चिमी सैक्सन राजाओं में सबसे धर्मपरायण था और उसे स्मारकों व गिरिजाघरों के निर्माण के लिये जाना जाता है। उसके शासनकाल में उसका घर अंग्रेजी शिक्षा का केंद्र था जिसने बाद में बेनेडिक्टियाई सूफीवादी सुधार की आधारशिला रखी। यूरोपीय राजनीति में ऍथेल्स्तन के अलावा और किसी भी पश्चिमी सैक्सन राजा ने इतनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा नहीं की। उसने महाद्वीपीय राजाओं से अपनी बहनों की शादियों के प्रबंध किये और कई राजनीतिक मित्र बनाए।

पृष्ठभूमि[संपादित करें]

By the ninth century the many kingdoms of the early Anglo-Saxon period had been consolidated into four: Wessex, Mercia, Northumbria and East Anglia.[3] In the eighth century, Mercia had been the most powerful kingdom in southern England, but in the early ninth, Wessex became dominant under Æthelstan's great-great-grandfather, Egbert. In the middle of the century, England came under increasing attack from Viking raids, culminating in invasion by the Great Heathen Army in 865. By 878, the Vikings had overrun East Anglia, Northumbria, and Mercia, and nearly conquered Wessex. The West Saxons fought back under Alfred the Great, and achieved a decisive victory at the Battle of Edington.[4] Alfred and the Viking leader Guthrum agreed on a division that gave Alfred western Mercia, while eastern Mercia was incorporated into Viking East Anglia. In the 890s, renewed Viking attacks were successfully fought off by Alfred, assisted by his son (and Æthelstan's father) Edward and Æthelred, Lord of the Mercians. Æthelred ruled English Mercia under Alfred and was married to his daughter Æthelflæd. Alfred died in 899 and was succeeded by Edward. Æthelwold, the son of Æthelred, King Alfred's older brother and predecessor as king, made a bid for power, but was killed at the Battle of the Holme in 902.[5]

Little is known of warfare between the English and the Danes over the next few years, but in 909, Edward sent a West Saxon and Mercian army to ravage Northumbria. The following year the Northumbrian Danes attacked Mercia, but suffered a decisive defeat at the Battle of Tettenhall.[6] Æthelred died in 911 and was succeeded as ruler of Mercia by his widow Æthelflæd. Over the next decade Edward and Æthelflæd conquered Viking Mercia and East Anglia. Æthelflæd died in 918 and was briefly succeeded by her daughter Ælfwynn, but in the same year Edward deposed her and took direct control of Mercia.[7]

When Edward died in 924, he controlled all of England south of the Humber.[6] The Viking king Sihtric ruled the Kingdom of York in southern Northumbria, but Ealdred maintained Anglo-Saxon rule in at least part of the former kingdom of बर्निसिया from his base in बैम्बुर्ग in northern Northumbria. Constantine II ruled Scotland, apart from the southwest, which was the British Kingdom of Strathclyde. Wales was divided into a number of small kingdoms, including Deheubarth in the southwest, Gwent in the southeast, Brycheiniog immediately north of Gwent, and Gwynedd in the north.[8]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

टिप्पणीयाँ[संपादित करें]

  1. Ninth-century West Saxon kings before Alfred the Great are generally described by historians as kings of Wessex or of the West Saxons. In the 880s Æthelred, Lord of the Mercians, accepted West Saxon lordship, and Alfred then adopted a new title, king of the Anglo-Saxons, representing his conception of a new polity of all the English people who were not under Viking rule. This endured until 927, when Æthelstan conquered Viking York, and adopted the title rex anglorum (king of the English), in recognition of his rule over the whole of England. The term "Englalonde" (England) came into use in the late tenth or early eleventh century.[2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. फूट, Æthelstan: The First King of England, pp. 155–156
  2. नवीं सदी के पश्चिमी वेसेक्स राजाओं को लैपिज़ की पुस्तक में वेसेक्स के राजा की तरह ही संबोधित किया गया है। सं.=एट ऑल, ब्लैकवेल इनसाइक्लोपीडिया; कीनेस, "रूलर्स ऑफ़ द इंग्लिश", पृ. 513–515; हिघम और राएन, ऐंग्लों-सैक्सन वर्ल्ड, पृ. 8
  3. Stenton, Anglo-Saxon England, pp. 95, 236
  4. Keynes & Lapidge, Alfred the Great, pp. 11–13, 16–23
  5. Stenton, Anglo-Saxon England, pp. 259–269, 321–322
  6. Miller, "Edward the Elder"
  7. Costambeys, "Æthelflæd"
  8. Charles-Edwards, Wales and the Britons, pp. 510–512, 548