उत्कटासन

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
उत्कटासन

उत्कटासन - विधि[संपादित करें]

पैरों के पंजे भूमि पर टिके हुए हों तथा एड़ियों के ऊपर नितम्ब टिकाकर बैठ जाइए। दोनों हाथ घुटनों के ऊपर तथा घुटनों को फैलाकर एड़ियों के समानान्तर स्थिर करें।

उत्कटासन - लाभ[संपादित करें]

ब्रह्मचर्य के लिये उपयोगी है। बवासीर की निवृत्ति करता है।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]