अश्वपति

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अश्वपति भारत के प्राचीन इतिहास में कई राजाओं के नाम थे।

  • अश्वपति द्वारा पराशर से सावित्री पूजा विधान का श्रवण, सावित्री कन्या की प्राप्ति, सत्यवान् - सावित्री कथा[1]
  • मद्र देश का राजा, मालती - पति, पराशर द्वारा गायत्री व सावित्री जप विधान का कथन, सावित्री - सत्यवान् की कथा[2]
  • अश्वपति द्वारा सावित्री कन्या की प्राप्ति, सावित्री - सत्यवान् की कथा[3][4]
  • अश्वपति राजा द्वारा सावित्री व्रत चीर्णन से सावित्री कन्या की प्राप्ति, सावित्री - सत्यवान् कथा[5]
  • अश्वपति द्वारा पराशर से गायत्री व सावित्री जप विधान का श्रवण, सावित्री - सत्यवान् की कथा[6]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. देवीभागवत ९.२६+
  2. ब्रह्मवैवर्त्त २.२३+
  3. भविष्य ४.१०२
  4. मत्स्य २०८+
  5. स्कन्द ७.१.१६६
  6. लक्ष्मीनारायण १.३६६