अमृतसर आ गया है

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"अमृतसर आ गया है"
लेखक भीष्म साहनी
देश भारत
भाषा हिन्दी
शैली भारत का विभाजन पर आधारित साहित्य

"अमृतसर आ गया है", भीष्म साहनी द्वारा लिखित एक कहानी है।[1] यह किताब भारत के विभाजन के परिदृश्य पर लिखी गई है। [2] कहानी में शरणार्थियों के एक समूह का पाकिस्तान से भारत के सीमावर्ती शहर अमृतसर की ओर यात्रा के दौरान के भयावहता और विनाश का वर्णन हैं।[3] साहनी ने विभाजन के विषय पर अपना महाकाव्य उपन्यास तमस (1974) भी लिखा था, जिस पर गोविंद निहलानी ने एक टीवी फिल्म बनाया था।[4]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. French, Patrick (1997). Liberty or death: India's journey to independence and division (illustrated संस्करण). Harper Collins. पृ॰ 351. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-00-655045-7.
  2. Kamra, Sukeshi (2002). Bearing witness: partition, independence, end of the Raj. University of Calgary Press. पृ॰ 183. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-55238-041-3.
  3. S. Robert Gnanamony (2005). Literary polyrhythms: new voices in new writings in English. Sarup & Sons. पृ॰ 64. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 81-7625-595-5.
  4. "Obituary: A life of commitment: Bhisham Sahni, 1915 - 2003". फ्रंटलाइन (पत्रिका). Volume 20 - Issue 15, July 19 - August 01, 2003. |date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)

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