अनुपूरक वतुएं

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पूरक माल प्रदर्शनी के लिए एक नकारात्मक पार लोच मांग की: की कीमत के रूप में अच्छी Y बढ़ जाता है, के लिए मांग अच्छी X गिर जाता है।

अथशा म , एक पूरक वतु वह होती है िजसका तरोध नकरामक होता है। यह एक वैकिपक वतु के वपरत होता है। अथात कसी अय वतु क कमत घटने पर, वतु क मांग म बढ़ोर होती है। इसके वपरत कसी अय वतु क कमत बढ़ने पर, वतु क मांग म वतु क मांग घट जाती है यद वतु ए और बी एक दूसरे के पूरक है , वतु ए क कमत बढ़ने से उसका मांग व बाई ओर आ जाएगा िजसके कारण वतु बी का मांग व अंदर क ओर आएगा |अथात दोन वतुओं क मांग कम हो जाएगी | वतु ए क कमत घटने पर वतु ए का मांग व दाई ओर जाएगा िजसके कारण वतु बी का मांग व बाहर क ओर चला जाएगा | अथात दोन वतुओं क मांग बढ़ जाएगी| इसका अथ होता है क दोन वतुओं क मांग एक दूसरे से संबंधत है। यद एक क मांग बढ़ती है तो दूसरे क मांग भी बढ़ेगी और यद एक क मांग घटती है तो दूसरे वतु क मांग भी घट जाएगी | पूरक वतुओं क कमत एक दूसरे से इसी तरह संबंधत होती है। यद एक क कमत बढ़ती है तो दूसरे वतु क कमत भी बढ़ जाती है और इसका वपरत भी होता है। इसके वपरत वैकिपक वतुओं म कमत और मांग एक वतु क दूसर वतु से वपरत तरके से संबंधत होती है | अथात यद एक वतु क कमत और मांग बढ़ जाती है तो दूसरे वतु क कमत और मांग घटेगी | [1]

यद दो वतु एक दूसरे के पूरक है तो वे संयुत मांग का अनुभव करते ह| उदाहरण के लए, रेजर लेड क मांग छुरे क संया पर नभर होती है। यह कारण है क कभी कभी रेजर लेड क मांग म वृध करने के लए छुरे को नुकसान म बेचा जाता है। .[2]

भोजन क खपत म हाल ह म कए हुए अनुसंधान के वारा यह, मनोवैानक या पट हुई है क कैसे एक वतु (उदाहरण के लए, कोला) क खपत उसके पूरक (उदाहरण के लए, एक चीज़बगर, पजा, आद) क खपत को असर करता है। एक खाय या पेय क खपत अपने पूरक उपभोग क खपत को उेिजत करती है। कोला उपभोताओं को 'एक चीज़बगर के लए एक वाउचर के लए भुगतान करने क इछा बढ़ जाती है।

इसका एक उदाहरण है हॉट डॉग और हॉट डॉग बन क मांग | हॉट डॉग क आपूत और मांग च म बताई गई है , िजसम हॉट डॉग क ारंभक मांग D1 है। मान लिजए क हॉट डॉग क ारंभक कमत P1 है और उसक ारंभक मांग Q1 है। यद हॉट डॉग बन क कमत कसी संया से घट जाती है , तो इस घटाव के कारण हॉट डॉग क मांग बढ़ जाएगी | मांग बढ़ने के कारण मांग व बाहर क ओर चला जाएगा | अथाथ नई िथत D2 पर | यद हम एक नरंतर आपूत S मानते ह तो हॉट डॉग क नई मांग D2 और नई कमत P2 हो जाएगी | इस उदाहरण वारा यह कहा जा सकता है क पूरक वतुए वह होती है जो एक साथ खपत क जाती है। अथाथ यद कसी एक वतु क मांग बढ़ती है तो दूसरे क मांग भी बढ़ जाती है।   

अन्य उदाहरणों में शामिल हैं:

  •  कॉफ और कॉफ फटर 
  • टर और याह कारतूस 
  • डीवीडी लेयर और डीवीडी
  •  कंयूटर हाडवेयर और कंयूटर सॉटवेयर
  •  जूते और लेस 
  • टॉच और बैटर 
  • चाय और चीनी 
  • मोबाइल फोन और सम काड 
  • कार और धन  

उत्तम पूरक[संपादित करें]

उदासीनता वक्र के लिए उत्तम पूरक

 आदश पूरक वतु वह होती है िजसका सेवन दूसरे के साथ हमेशा करना पड़ता है। आदश पूरक वतु का उदासीनता व एक समकोण दशत करता है। इस तरह क वरयताओं को असर एक लओनटफ उपयोगता समारोह से तनधव कया जाता है।  

वातवक दुनया म कुछ वतु एक आदश पूरक क तरह यवहार करते ह | उदाहरण के लए: जूते | बाए और दाए पैर के जूते हमेशा जोड़े म बेचे जाते ह | बाए और दाए पैर के जूते क ब क अनुपात हमेशा एक होता है।

पूरकता क डी का आपसी होना जर नहं है। उसे ॉस कमत लोच वारा ात कया जा सकता है। वीडयो गेम के मामले म, एक वशट वीडयो गेम (पूरक वतु) एक वीडयो गेम कंसोल (आधार) वतु के साथ योग कया जाना है। इसे दूसर तरह से नहं देखा जा सकता है: एक वीडयो गेम कंसोल का उसी खेल के साथ योग कया जाना जर नहं है।   

उदाहरण[संपादित करें]

परपर आदश पूरक का एक बहुत सह उदाहरण है पसल और रबड़ | कपना किजए, एक अकाउंटट िजसे वीय ववरण तैयार करना है। उसे यह काम करने के लए पसल क आवयकता होगी : सभी गणना करने के लए , और रबड़ क आवयकता होगी गणना म हुई गलतय को मटाने के लए | एकाउंटट जानता है क उसे तीन पसल और एक रबड़ क जरत होगी। इससे अधक पसल क आवयकता नहं है यक अकाउंटट के पास रबड़ नहं होगा उसक गलतय को मटाने के लए | इससे अधक रबड़ भी काम के नहं है यक इतनी पसल ह नहं होगी क वह गलतयां कर सके 

वपणन म, एक पूरक वतु कंपनी को अतरत बाजार शित देती है। कुछ तरह क कमत पर रणनीत पूरक वतुओं और मूय वतु पर बनाई जाती है : 

  • मूल वतु क कमत दूसरे के मुकाबले म कम रखी जाती है। इसके कारण हक को आसानी से वेश मलता है।  
  • मूल वतुओं क कमत पूरक वतु के मुकाबले अधक रखी जाती है इसके कारण वेश के लए बाधा उपन होती ह | स)

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Carbaugh, Robert (2006). Contemporary Economics: An Applications Approach. Cengage Learning. पपृ॰ 35. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-324-31461-8. |ISBN= और |isbn= के एक से अधिक मान दिए गए हैं (मदद)
  2. "Customer in Marketing by David Mercer". Future Observatory. मूल से 2013-04-04 को पुरालेखित.