अनत्त

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बौद्ध धर्म में, अनत्ता (पालि) या अनात्मन् (संस्कृत) वह सिद्धान्त है जो कहता है कि जीवित प्राणियों में अविनाशी, शाश्वत आत्मा नहीं होती।

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