विद्युत
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विद्युत विद्युत आवेशों के मौजूदगी और बहाव से जुड़े भौतिक परिघटनाओ को कहा जाता है । विद्युत से अनेक जानी-मानी घटनाएं जुड़ी है जैसे कि तडित, विद्युत धारा का प्रवाह, स्थिरवैद्युत और वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण। विद्युत के साधन से रेडियो तरंग जैसे वैद्युतचुम्बकीय तरंगो का निर्माण और इस्तेमाल मुमकिन हुआ है।
विद्युत के साथ चुम्बकत्व जुड़ी हुई घटना है । विद्युत आवेश वैद्युतचुम्बकीय क्षेत्र पैदा करते है जो दूसरे विद्युत आवेशों को प्रभावित करते है। विद्युत कई भौतिक विषयों से जुदा है -
जब विद्युत और चुम्बकत्व का एक साथ अध्ययन किया जाता है तो इसे विद्युत चुम्बकत्व कहते हैं। विद्युत को अनेकों प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है किन्तु सरल शब्दों में कहा जाये तो विद्युत आवेश की उपस्थिति तथा बहाव के परिणामस्वरूप उत्पन्न उस सामान्य अवस्था को विद्युत कहते हैं जिसमें अनेकों कार्यों को सम्पन्न करने की क्षमता होती है। विद्युत चल अथवा अचल इलेक्ट्रान या प्रोटान से सम्बद्ध एक भौतिक घटना है। किसी चालक में विद्युत आवेशों के बहाव से उत्पन्न उर्जा को विद्युत कहते हैं।
विद्युत की बुनियाद [संपादित करें]
समस्त वस्तुएँ अणुओं से बनी होती हैं और प्रत्येक अणु में एक या एकाधिक ऋणात्मक आवेश वाले इलेक्ट्रान होता/होते हैं। वस्तुओं के दो प्रकार होते हैं पहला जिनमें इलेक्ट्रान दृढ़ता के साथ जुड़े होते
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भारत का विद्युत क्षेत्र मुख्यत: सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के नियंत्रण में है। विद्युत उर्जा के उत्पादन में एनटीपीसी, राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (एनएचपीसी), भारतीय नाभिकीय शक्ति निगम (NPCI) एवं भाविनी आदि प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त बहुत सी इकाइया ऐसी हैं जो राज्यों के अधीन हैं और वे भी विद्युत शक्ति के उत्पादन एवं सम्बन्धित राज्य के अन्दर विद्युत वितरण के कार्य में संलग्न हैं। पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन आफ इण्डिया राष्त्रीय ग्रिड के विकास तथा राज्यों के बीच विद्युत पारेषण के लिये जिम्मेदार है।