बरमूडा त्रिभुज

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यह बरमूडा त्रिकोण, जिसे शैतान के त्रिकोण के रूप में भी जाना जाता है, उत्तर पश्चिम अटलांटिक महासागर का एक क्षेत्र है जिसमे कुछ विमान और सतही जहाज (surface vessels) गायब हो गए हैं। कुछ लोगों का दावा है कि ये गायब होने की बातें मानव त्रुटि (human error) या प्रकृति के कृत्यों (acts of nature) की सीमाओं के परे है। लोकप्रिय संस्कृति ने गायब होने की कुछ घटनाओं को अपसामान्य (paranormal), भौतिकी के नियमों (laws of physics) के निलंबन, या भूमि से परे की जीवित वस्तुओं (extraterrestrial beings)।[1] की गतिविधियों से सम्बद्ध बताया। हालांकि बाद के लेखकों द्वारा अस्पष्ट रूप से सूचित या सृजित अनेक घटनाओं को प्रदर्शित करते हुए वास्तविक दस्तावेज उपलब्ध हैं और अनेक सरकारी एजेंसियों ने समुद्र के अन्य क्षेत्र के समान गायब होने की प्रकृति और उल्लेखित संख्या और दस्तावेजों पर कार्य किया है, परन्तु यथोचित जांच के बाद भी अनेक अवर्णित रह गए हैं।[2][3][4]

अनुक्रम

त्रिकोण क्षेत्र[संपादित करें]

त्रिकोण की आकृति लेखक के उल्लेख से भिन्न है, कुछ इसका आकार (trapezoid) को फ्लोरिडा के जल डमरू मध्य, बहामा से अजोरेस (Azores) तक पूरे केरिबियन (Caribbean) द्वीप क्षेत्र को और पूर्वी अटलांटिक को आवृत करते हुए बताते हैं, अन्य इसमे मेक्सिको की खाड़ी (Gulf of Mexico) को भी शामिल करते हैं। लेखन कार्यों में अधिक परिचित त्रिकोणीय सीमा में कुछ बिन्दु अटलांटिक तट पर फ्लोरिडा (Florida); सेन जूआन (San Juan), पुएर्टो रीको; और अटलांटिक के मध्य द्वीप बरमूडा, में है, जिसमे अधिकांश दुर्घटनाओं के केन्द्र बहामास और फ्लोरिडा के जल डमरू मध्य के मध्य रहे हैं।

लेखक के अनुसार त्रिभुज की आकृति भिन्न है।

अमेरिका, यूरोप और कैरिबियाई द्वीप में स्थित बंदरगाहों और यहाँ से रोज अनेक जहाजों के गुजरने के साथ यह विश्व के सबसे अधिक जहाजों की लेन वाले क्षेत्रों में से एक है, बहुत से क्रूज पोत भी हैं और फ्लोरिडा और द्वीपों के बीच नियमित रूप से मनोरंजन यान भी चलते हैं। उत्तरी बिन्दुओं से फ्लोरिडा, कैरिबियाई और दक्षिण अमेरिका की और जाने वाले व्यावसायिक और निजी विमानो के लिए भी यह एक बहुत व्यस्त मार्ग है।

समुद्र का गल्फ स्ट्रीम प्रवाह मैक्सिको की खाड़ी के बाद त्रिभुज में प्रवाहित होता है, विलुप्त होने की कुछ घटनाओं में इसकी पाँच से छह गुच्छों की धारा की भूमिका भी हो सकती है। आकस्मिक तूफ़ान आ सकते हैं और गर्मियों में क्षेत्र में आंधियां (hurricanes) भी आ सकती है। भारी समुद्री ट्रॅफिक और तूफानी मौसम स्थिति को इस प्रकार अपरिहार्य बना देते हैं कि बिना किसी चिन्ह के जहाज तूफ़ानो में खो सकते है - खास तौर पर २०वी सदी के पूर्व जब ये उन्नत दूरसंचार के साधन, राडार और उपग्रह तकनीक नहीं थे।[5]

त्रिकोण के इतिहास की कहानी[संपादित करें]

त्रिकोण के लेखकों के अनुसार, त्रिकोण के बारे में कुछ अद्भुत दस्तावेज प्रस्तुत करने वाला पहला व्यक्ति क्रिस्टोफर कोलंबस था, जिसने बताया की उसने और उसके चालक दल ने, " क्षितिज पर नृत्य करती अद्भुत रोशनी ", देखी और अपनी लाग बुक में एक अन्य स्थान पर उसने लिखा, आकाश में आग की लपटें थी और अपनी लाग बुक में ही एक और जगह पर उसने क्षेत्र में कंपास की बेतुकी दिशा स्थिति के बारे में भी लिखा। दिनांक ११ अक्टूबर १४९२ की उनकी लॉग बुक से l उन्होंने लिखा है :[6]

पहली बार

यह भूमि एक नाविक (रोड्रिगो दी ट्रिअना (Rodrigo de Triana)) ने देखी थी, हालाँकि शाम को दस बजे एडमिरल ने क्वार्टर डेक पर एक प्रकाश देखा था, परन्तु वह इतना हल्का था की वह उसे भूमि नहीं समझ सका, उसने पिरो गुतेर्रेज़ को बुलाया जो राजा के वस्त्रों की देखभाल किया करता था, उसने उसे बताया की उसने एक प्रकाश देखा और उसने उसे भी उस ओर देखने के लिए कहा जहाँ वह देख रहा था, उसने वही किया जैसा कि सेगोविया के रोड्रिगो सांचेज ने किया था, उसे राजा और महारानी ने जहाजों के बेडे के साथ भेजा था, परन्तु वह अपनी जगह से कुछ देख नहीं सका। एडमिरल ने फिर से एक या दो बार उधर देखा, उन्हें एक मोमबत्ती के प्रकाश के जैसा कुछ दिखा जो ऊपर और नीचे की तरफ गति कर रहा था, कुछ लोगो के विचार में यह भूमि का एक संकेत था। परन्तु एडमिरल यह निश्चित कर चुका था कि भूमि निकट ही थी।...

मूल लॉग बुक की जाँच कर रहे आधुनिक विद्वानों ने यह अनुमान लगाया की उसके द्वारा देखा गया प्रकाश टेनो (Taino) के रहवासियों द्वारा उनकी डोंगियों में रसोई के लिए जलाई गई आग से उत्पन्न हुआ था, कम्पास की समस्याएँ एक सितारे की हलचलों को ग़लत पढने के कारण उत्पन्न हुई थी।

समाचार पत्रों में छपा पहला लेख जिसमें त्रिभुज की किवदंतियों का उल्लेख था, वह था ई॰ वी॰ डब्लू॰ १६ सितंबर (September 16), १९५० को एसोसिएटेड प्रेस[7] के माध्यम से जोन्स। दो वर्षों बाद, फेट (Fate) पत्रिका ने जॉर्ज एक्स का एक संक्षिप्त लेख "सी मिस्ट्री एट अवर बेक डोर"[8] प्रकाशित किया। सेंड ने अनेक विमानों और जहाजों के नुक्सान को कवर किया जिसमे एक प्रशिक्षण मिशन पर लगे अमेरिकी नौसेना (U.S. Navy) के पाँच टी बी एम बमवर्षक जहाजों (TBM Avenger) के समूह के साथ फ्लाइट १९ (Flight 19) का नुक्सान भी शामिल था। सेंड का लेख ऐसा पहला लेख था जिसमे अपरिचित त्रिकोणीय क्षेत्र का उल्लेख था, जहाँ नुक्सान हुआ था। अमेरिकन लीगनपत्रिका[9] के १९ अप्रैल १९६२ के अंक में सिर्फ़ फ्लाइट १९ ही कवर की गयी। यह दावा किया गया कि फ्लाइट प्रमुख को यह कहते सुना गया था कि "हम सफ़ेद पानी में प्रवेश कर रहे हैं, कुछ भी ठीक नहीं लग रहा है। हम नहीं जानते हैं, हम कहाँ हैं, पानी हरा है, कहीं भी सफ़ेद पानी नहीं है।" यह भी दावा किया गया कि नौ सेना के जाँच बोर्ड पर अधिकारियों ने कहा कि विमान "मंगल के लिए उड़ चुके हैं।" अलौकिक घटनाओं को फ्लाइट १९ से जोड़ने वाला यह पहला लेख था, परन्तु फरवरी १९५४ में एक अन्य लेखक विंसेंट गडिस ने अर्गोसी (Argosy) पत्रिका में फ्लाइट १९ को रहस्यमय गायब होने की घटनाओं से जोड़ा और इसे एक नया रोचक नाम " दी डेडली बरमूडा ट्रेंगल"[10] दिया, इस लेख के आधार पर उन्होंने अगले वर्ष[11] एक विस्तृत पुस्तक इनविजिबल होरिजोंस लिखी। इसके अनुसरण में दुसरे अनेक लेखकों ने अपने लेख लिखे: जान वालेस स्पेंसर लिम्बो ऑफ़ दी लास्ट, १९६९[12]; चार्ल्स बर्लित्ज़ (Charles Berlitz), दी बरमूडा ट्रंगल, १९७४[13]; रिचर्ड विनर (Richard Winer) दी डेविल्स ट्रंगल, १९७४[14], तथा और भी अनेक लेखकों ने इकर्ट[15] द्वारा निर्देशित इन अलौकिक तत्वों को अपने लेखों में जगह दी।

कुसके का स्पष्टीकरण[संपादित करें]

एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी (Arizona State University) के एक शोध पुस्तकालय अध्यक्ष और बरमूडा ट्रंगल मिस्ट्री: साल्व्ड (१९७५)[16] के लेखक लॉरेंस डेविड कुस्चे (Lawrence David Kusche) ने इस प्रवृत्ति को चुनौती दी है। कुस्चे के शोध कार्य में बलित्ज़ के वर्णन तथा प्रत्यक्ष दर्शियों, सहभागियों और प्रारंभिक घटनाओं में शामिल अन्य व्यक्तियों के बयानों के बीच कुछ अशुधियां तथा अस्थिरता जाहिर हुई है। उसने ऐसे मामलों का उल्लेख किया जिनमे उपयुक्त सूचनाओं को सूचित नहीं किया गया था जैसे विश्व यात्रा पर निकले नाविक डोनाल्ड क्रोह्र्स्ट (Donald Crowhurst) का गायब होना, जिसके स्पष्ट साक्ष्य होने के बावजूद बर्लित्ज़ ने एक रहस्य के रूप में प्रस्तुत किया है। अन्य उदाहरण था अयस्क-वाहक बर्लित्ज़ का अटलांटिक बंदरगाह के बाहर बिना किसी निशान के तीन दिनों तक खो जाने के रूप में वर्णन, जब कि यह इसी नाम से प्रशांत महासागर के एक बंदरगाह से बाहर कहीं खो गया था। कुस्चे ने भी तर्क दिये कि त्रिभुज के रहस्यमय प्रभाव को बढाने वाली घटनाओं का एक बड़ा प्रतिशत उन घटनाओं का है जो वास्तव में इससे बाहर घटित हुई थी। उसका शोध आश्चर्यजनक तरीके से सरल था: उसने उस अवधि के समाचार पत्रों में मौसम की ख़बरों जैसी चीजें देखि जिनका इन कहानियो में कभी भी उल्लेख नहीं था।

कुस्चे एक निष्कर्ष पर पहुंचा।

  • समुद्र के किसी अन्य भाग की तुलना में इस क्षेत्र में लापता बताये जाने वाले पोतों और विमानों की संख्या उल्लेखनीय रूप से अधिक नहीं थी।
  • किसी क्षेत्र में बार बार आने वाले उष्णकटिबंधीय तूफान (tropical storm), गायब होने कि घटित घटनायें, अधिकतर भागों के लिए न तो अनुपातहीन थी, न ही रहस्यमय, इसके अतिरिक्त, बर्लित्ज़ और अन्य लेखक ऐसे तूफानों के विषय में उल्लेख करने में विफल रहे है।
  • अस्थिर शोधों द्वारा इस संख्या को अतिशयोक्तिपूर्ण ढंग से बढ़ा दिया गया। एक नाव लापता हो कर सूचीबद्ध होने की सुचना दी गयी परन्तु कभी यही नाव बंदरगाह पर (देरी से) फिर लौट आयी हो, तो हो सकता है कि उसकी सुचना नहीं दी गयी हो।
  • कुछ विलुप्त होने की घटनायें वास्तव में कभी हुई ही नहीं। १९३७ में, डेटोना बीच, फ्लोरिडा (Daytona Beach, Florida), पर सैकड़ों गवाहों के सामने एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बारे में कहा गया, परन्तु स्थानीय समाचार पत्रों की जांच से कुछ भी नहीं पता चला।

कुस्चे ने निष्कर्ष दिया कि :

बरमूडा त्रिभुज की कहानी एक गढा गया रहस्य है।... जिसे लेखकों ने जानते बुझते या अनजाने में भ्रांतियों, ग़लत तर्कों और सनसनी का इस्तेमाल करते हुए स्थायी बना दिया।[16] §उपसंहार, पी॰२७७

अन्य प्रतिक्रिया[संपादित करें]

समुद्री बीमा कंपनी लॉयडस ऑफ़ लन्दन (Lloyd's of London) ने यह निर्धारित किया कि समुद्र के किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में त्रिभुज अधिक खतरनाक नहीं है और इस क्षेत्र से गुजरने के लिया असामान्य प्रभार दर नहीं ली। संयुक्त राज्य अमेरिका के तटरक्षक (United States Coast Guard) दस्तावेज उनके निष्कर्ष की पुष्टि करते हैं। वास्तव में नियमित गुजरने वाले पोतों और विमानों की संख्या पर गौर किए जाने पर गायब होने वालों की अनुमानित संख्या अत्यल्प है।

तट रक्षक भी आधिकारिक रूप से त्रिभुज के बारे में शंकित हैं, उनके द्वारा एकत्र और मुद्रित कोई भी सामग्री उनकी जांच के आधार पर नहीं है, ज्यादातर दस्तावेजीकरण[17] त्रिभुज लेखकों द्वारा लिखी घटनाओं के विपरीत है। इस तरह की एक घटना में १९७२ का विस्फोट और टैंकर का डूबना शामिल था।VAमैक्सिको की खाड़ी में, उठने वाली धुंध (V.A. Fogg) के दौरान तट रक्षक ने नुकसान की तस्वीर ली और अनेक शव बरामद[18] किए, इसके बावजूद त्रिभुज के एक लेखक ने कहा है कि सभी लाशें गायब हो गई थी, सिर्फ़ अपवाद के रूप में कप्तान बचा था, जो अपने केबिन में कॉफी के कप को पकड़े अपनी डेस्क पर बैठा हुआ पाया गया।[12], १९७३ संस्करण

बरमूडा त्रिभुज के मामले मे नोवा (NOVA) / क्षितिज (Horizon) प्रकरण (१९७६ -०६ -२७) काफी महत्वपूर्ण था जिसमे यह कहा गया था कि "जब हम मूल स्त्रोतों तक या घटनाओं मे शामिल लोगों तक वापस लौटे, तब तक रहस्य ख़त्म हो चुका था। विज्ञान को त्रिभुज से सम्बंधित प्रश्नों के जवाब नहीं देने हैं क्योंकि पहली नज़र मे ही वे सवाल मान्य नहीं है। त्रिभुज मे पोत और विमान इसी तरह व्यवहार करते हैं जैसा कि वे दुनिया मे अन्य जगह पर करते हैं"[19]

संशयी शोधकर्ताओं, जैसे अर्नेस्ट टेव्स[20] और बैरी सिंगर[21], ने यह नोट किया है कि किस प्रकार ये रहस्य तथा अपसामान्य चीजें बहुत लोकप्रिय तथा लाभदायक है। यह बरमूडा त्रिकोण जैसे विषयों पर विशाल मात्रा में सामग्री के उत्पादन मे सहायक बनी। वे यह दर्शाने में समर्थ थे कि अपसामान्य सामग्री में से कुछ भ्रामक है या असूक्ष्म, परन्तु इसके उत्पादक इसके विक्रय में लगे हुए हैं। इसलिए उनका दावा था कि बाजार का झुकाव उन पुस्तकों, टीवी स्पेश्ल्स इत्यादि के पक्ष में अधिक है जो त्रिकोण के रहस्य का समर्थन करते हैं और अच्छी अनुसंधान सामग्री के खिलाफ हैं, यदि यह शंकपूर्ण दृष्टिकोण का समर्थन करती है।

अंततः, यदि यह माना जाए कि त्रिकोण से आगे भूमि पर बढ़ा जाए, जैसे पुएर्टो रीको, बहामास, या फिर बरमूडा में ही, तो किसी भूमि-आधारित वाहन या व्यक्तियों के गायब होने सम्बन्धी कोई साक्ष्य नहीं मिलते। त्रिकोण के भीतर स्थित, फ्रीपोर्ट (Freeport) में एक बड़े पोत-कारखाने और एक हवाई अड्डे का सञ्चालन किया जाता है जिससे प्रति वर्ष ५०,००० उड़ानें भरी जाती है और एक लाख पर्यटकों का आगमन होता है।

प्राकृतिक स्पष्टीकरण[संपादित करें]

मीथेन हाइड्रेट्स[संपादित करें]

निश्चित या परिणामी तौर पर हाइड्रेट युक्त तलछट वाली अपतटीय गैस का दुनिया भर में वितरण, १९९६
स्रोत : यु.एस.जी.एस. (USGS)
पश्चिमी अटलांटिक महासागर से उत्तर की ओर प्रवाहित गल्फ स्ट्रीम की विपरीत वर्ण छवि (नासा)।

गायब होने कि कुछ घटनाओं कि एक व्याख्या में महाद्वीपीय समतल पर मीथेन (methane) हाइड्रेट्स के विशाल क्षेत्रों की मौजूदगी पर ध्यान केंद्रित किया है। ऑस्ट्रेलिया में हुए प्रयोगशाला प्रयोगों ने साबित किया है कि बुलबुले पानी के घनत्व[22] में कमी लाकर एक स्केल माडल जहाज को डुबो सकते हैं; फलस्वरूप सतह पर उभरने वाला कोई भी मलबा गल्फ स्ट्रीम से ही फैला होगा। यह कल्पना की गई है कि मीथेन का आवधिक निसरण (eruption) (जिसे कभी कभी "मिट्टी का ज्वालामुखी (mud volcano) कहते हैं, पानी के झागदार क्षेत्रों को उत्पन्न कर सकता है जिनमे जहाजों में पर्याप्त उछाल लाने कि कोई क्षमता नहीं है। यदि ऐसा मामला था, तो एक जहाज के आसपास बनने वाला इस प्रकार का कोई क्षेत्र उसे बिना किसी चेतावनी के तेजी से डुबो सकता था।

संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिण पूर्वी तट[23] पर ब्लेक रीज (Blake Ridge) क्षेत्र में हाइड्रेट्स की उपस्थिती के बारे में संयुक्त राज्य अमेरिका भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (United States Geological Survey) द्वारा १९८१ में एक श्वेत पत्र (white paper) प्रकाशित किया गया था। हालाँकि, एक युएसजीएस वेब पेज के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि पिछले १५००० वर्षों[24] में बरमूडा त्रिभुज से कोई गैस हाइड्रेट्स बड़ी मात्रा में मुक्त नहीं हुए हैं।

कम्पास परिवर्तन[संपादित करें]

कंपास समस्याएँ त्रिकोण कि अनेक घटनाओं में उद्धृत वाक्यांशों में से एक है। कुछ लोगों ने क्षेत्र में असामान्य स्थानीय चुंबकीय विसंगतियों की संभावना का अनुमान लगाया है, हालाँकि इनके घटित होने को दिखाया नहीं है। यह भी याद रखना चाहिए कि कम्पासों में चुंबकीय ध्रुव (Magnetic pole) के संबंध में प्राकृतिक चुंबकीय भिन्नता (magnetic variation) होती है। उदाहरण के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका में, सिर्फ़ वे स्थान जहाँ उत्तर चुंबकीय (कंपास) (magnetic (compass) north) और भौगोलिक (वास्तविक) उत्तर (geographic (true) north) एक सामान है, विस्कॉन्सिन से मैक्सिको की खाड़ी (Gulf of Mexico) की और आने वाली एक रेखा पर स्थित हैं। नाविक इसे सदियों से जानते हैं। परन्तु जनता इतनी जागरूक नहीं हो सकती तथा यह सोच सकती है कि त्रिभुज जैसे एक बड़े क्षेत्र में कम्पास के परिवर्तन में कुछ रहस्यमय हो सकता है, जो कि स्वाभाविक है।

तूफ़ान[संपादित करें]

बड़ी आंधियां शक्तिशाली तूफान हैं जो भूमध्य रेखा के निकट अटलांटिक में पैदा होते हैं और ये हजारों जिंदगियों को खत्म करने और अरबों डॉलर के नुक्सान के लिए ऐतिहासिक रूप से जिम्मेदार है। १५०२ में फ्रांसिस्को डे बोबदिल्ला (Francisco de Bobadilla) के स्पेनी जहाजी बेडों के डूबने कि घटना किसी विनाशकारी आंधी के कारण होने वाली पहली घटना थी। अतीत में इन तूफानों ने त्रिभुज से सम्बंधित अनेक घटनाओं को जन्म दिया है।

गल्फ स्ट्रीम[संपादित करें]

गल्फ स्ट्रीम एक समुद्री लहर है जो मैक्सिको की खाड़ी (Gulf of Mexico) से निकल कर फ्लोरिडा के जलडमरू से उत्तरी अटलांटिक में गई है। संक्षेप में, समुद्र के भीतर यह एक नदी है और एक नदी के सामान, इसमे तैरने वाले पदार्थ हो सकते हैं, जो होते ही हैं। पानी में उतरने वाला एक छोटा जहाज या इंजिन की समस्या वाली एक छोटी नाव, बताये गए स्थान से धारा द्वारा दूर ले जाए जाएँगे जैसा कि केबीन क्रूजर विचक्राफ्ट के साथ २२ दिसंबर, १९६७ को हुआ, तट से एक मील (१-६ कि॰मी॰) की दुरी पर इसके इंजिन में खराबी आने की सूचना मिली थी, परन्तु जब एक तटरक्षक कटर वहां पहुँचा तब यह वहां नहीं था।

विचित्र लहरें[संपादित करें]

शांत समुद्रों में भी आकस्मिक रूप से अत्यधिक बड़ी लहरें दिखाई दे सकती है। एक ऐसी ही शरारती तरंग (rogue wave) से समुद्री रक्षक (Ocean Ranger) प्रभावित हो गया था, फिर १९८२ में विश्व के सबसे बड़े अपतटीय प्लेटफार्म, न्यूफ़ाउंडलैंड का तट उलट-पुलट हो गया। तब भी, यह मानने के लिए कोई विशेष कारण नहीं है कि बरमूडा क्षेत्र में शरारती तरंगें अधिक सामान्य है और वायुयानों के खो जाने के लिए यह स्पष्टीकरण स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मानव के कार्य[संपादित करें]

मानव त्रुटि[संपादित करें]

किसी वायुयान या जहाज के खो जाने के लिए होने वाली अधिकृत जांचों में सर्वाधिक प्रयुक्त स्पष्टीकरण मानव त्रुटी है। मनुष्य गलतियाँ करने के लिए जाना जाता है, चाहे वे जानबूझकर की गयी हो या आकस्मिक तरीके से, पर इनका परिणाम विपदाओं में होता है और बरमूडा त्रिभुज में होने वाली हानियाँ कोई अपवाद नहीं है। उदाहरण के लिए, एक तटरक्षक ने टेंकर वी. ऐ. के खो जाने के लिए वाष्पशील बेंजीन (benzene) अवशिष्ट की सफाई के लिए उचित प्रशिक्षण की कमी को बताया। १९७२ में धुंध व्यवसायी हार्वे कोनोवेर की नौकायन नौका, रेवोनोक, के खो जाने का कारण मनुष्य का जिद्दीपन हो सकता है, क्योंकि उसने १ जनवरी, १९५८ को दक्षिण फ्लोरिडा के एक तूफ़ान के मुंह में अपनी नाव उतार दी थी। कई सरकारी रिपोर्ट में एक उल्लेखित तथ्य यह है कि मलबे के अभाव में, जिसका अध्ययन किया जा सकता था, अनेक हानियों का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका है।

जानबूझकर की गयी विनाशक कार्यवाहियां[संपादित करें]

इन्हे दो श्रेणियों में बाँट सकते हैं, युद्ध की कार्यवाही और समुद्री डकैती की कार्यवाही अनेक हानियों के लिए दुश्मन की फ़ाइलों का रिकार्ड जांचा गया है, जबकि डूबने की अनेक घटनायें विश्व युद्धों के दौरान दुश्मन की छापामारी या पनडुब्बियों से जोड़ी गयी है तथा विभिन्न आदेश लॉग बुक्स में लिपिबद्ध की गयी है, बहुत सी अन्य घटनायें जो संदिग्ध रूप से इस श्रेणी में आती थी, सिद्ध नहीं हो सकी है; ऐसा संदेह है कि १९१८ में यूएसएस साय्क्लोप्स तथा द्वितीय विश्व युद्ध में जुड़वाँ नावों प्रोतुस और नेरुस के खो जाने को भी पनडुब्बियों से सम्बद्ध माना गया परन्तु जर्मन दस्तावेजों में इसकी कोई कड़ी मौजूद नहीं है।

समुद्री डकैती (Piracy), को समुद्र में एक छोटे जहाज या नाव पर कब्जा करने के रूप में परिभाषित किया है, जो आज भी जारी है। जबकि जहाज में लदे माल के लिए समुद्री डकैती पश्चिमी प्रशांत और हिन्द महासागर में ज्यादा सामान्य है, वहीं नशीले पदार्थों के तस्कर भी तस्करी के लिए पर्यटक नावों की चोरी करते हैं और कैरिबियाई क्षेत्र में नाविकों और नावों के गायब होने में इनका भी हाथ हो सकता है। कैरिबियाई क्षेत्र के ऐतिहासिक दृष्टि से प्रसिद्ध जलदस्युओं में शामिल है एडवर्ड टीच ब्लेक्बर्ड (Blackbeard) और जिन लाफित्ते (Jean Lafitte) (जहां १५६० और १७६० के बीच समुद्री डकैती सामान्य थी) कभी कभी लाफित्ते को ख़ुद भी एक त्रिभुज का शिकार कहा जाता है।

शुष्क भूमि पर संचालित एक अन्य प्रकार की समुद्री डकैतीबेन्कर्स या नुकसान पहुंचाने वाले (wreckers) जहाजों को गुमराह करने के लिए तट पर एक प्रकाश चमकाते थे, ताकि ये जहाज तट की और रूख करें, तब ये नुकसान पहुंचाने करने वाले ही उन्हें माल उतारने में मदद करते थे। सम्भव है कि इन नुकसान पहुंचाने वालों ने किसी नाविक को भी खत्म कर दिया होगा जिसने इनका विरोध किया होगा। नुकसान पहुंचाने वालो कि प्रथा को नागस हेड (Nags Head), दक्षिण केरोलिना कहते थे जिसमे वे एक भटके हुए घोडे पर एक लालटेन लटका देते थे जैसे वह तट पर चल रहा हो।

लोकप्रिय सिद्धांत[संपादित करें]

त्रिभुज लेखकों ने घटनाओं को समझाने के लिए कुछ अलौकिक सिद्धांतों का इस्तेमाल किया है। एक स्पष्टीकरण में अटलांटिस (Atlantis) महाद्वीप के खो जाने की काल्पनिक घटना में छोड़ी गई तकनीक को दोष दिया गया है। कभी कभी अटलांटिस की कहानी से जुड़ा हैं, बहामास में स्थित बिमिनी (Bimini) द्वीप पर जलमग्न चट्टान का निर्माण, जिसे बिमिनी सड़क (Bimini Road) के रूप में जाना जाता है और जो कुछ परिभाषाओं द्वारा त्रिभुज में है। कथित मनोवेग्यानिक एडगर कायसे (Edgar Cayce) के अनुयायी बिमिनी सड़क (Bimini Road) की खोज को उसकी भविष्यवाणी के साथ जोड़ते हैं कि अटलांटिस के सबूत १९६८ में प्राप्त होंगे। मानने वाले इस निर्माण को एक सड़क, दीवार या अन्य स्त्रोत के रूप में वर्णित करते हैं, हालाँकि भूवैज्ञानिक इसे प्राकृतिक रूप से निर्मित[25] समझते हैं।

अन्य लेखक इन घटनाओं को युऍफ़ओ (UFO) से जोड़ते हैं। इस विचार का प्रयोग स्टीवन स्पीलबर्ग ने उनकी फिल्मक्लोज एनकाउंटर्स ऑफ़ दी थर्ड काईंड (Close Encounters of the Third Kind) में किया, जिसमे फ्लाईट १९ का अपहरण एलियन द्वारा दिखाया गया था।

एक प्रतिष्ठित भाषाविद् और विषम घटनाओं पर विभिन्न अतिरिक्त पुस्तकों के लेखक के पोते चार्ल्स बेर्लितज (Charles Berlitz) ने इस असाधारण स्पष्टीकरण का ही अनुसरण किया है और त्रिभुज में होने वाले नुकसानों का कारण अस्पष्टीकृत या विषम ताकतों को बताया है।[13]

प्रसिद्ध घटनायें[संपादित करें]

फ्लाईट १९[संपादित करें]

फ्लाईट १९ के समान

अमेरिकी नौसेना टीबीऍफ़ ग्रुम्मान युद्धक फ्लाईट त्रिभुज के विभिन्न लेखकों द्वारा फ्लाइट १९ का वर्णन करने के लिए इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था (अमरीकी नौसेना)।

फ्लाइट १९ (Flight 19), TBM युद्धक (TBM Avenger) बमवर्षक विमान की एक प्रशिक्षण उड़ान थी जो अटलांटिक के ऊपर से गुजरते हुए ५ दिसंबर, १९४५ को लापता हो गयी थी। ऐसा माना जाता है कि इस उड़ान को असामान्य घटनाओं और विषम कंपास रीडिंग्स का सामना करना पड़ा और यह कि एक शांत दिन, यह उड़ान जिनकी देखरेख में उडी थी, वे थे एक अनुभवी पायलट, लेफ्टिनेंटचार्ल्स कैरोल टेलर (Charles Carroll Taylor)। इस साजिश में यह भी जोड़ा गया कि दुर्घटना पर प्रस्तुत नौसेना कि रिपोर्ट में इसे "अज्ञात कारणों या प्रयोजनों " से सम्बद्ध बताया गया था। ऐसा माना जाता है कि टेलर की मां अपने बेटे की प्रतिष्ठा बचाना चाहती थी, इसलिए उसने उन्हें "अज्ञात कारण " लिखने के लिए विवश किया, जबकि टेलर के हिसाब से वह ५० किमी उत्तर पूर्व की ओर था। [26]

जबकि कहानी के इस संस्करण के बुनियादी तथ्य अनिवार्य रूप से सटीक हैं, कुछ महत्वपूर्ण विवरण लापता हैं। इस घटना के अंत तक मौसम तूफानी हो गया था; टेलर के पास महत्वपूर्ण तरीके से केवल उड़ान के लिए लिया गया समय ही था, पर वह दक्षिण फ्लोरिडा क्षेत्रसे परिचित नहीं था और उड़ान के दौरान लापता होने का उसका पुराना इतिहास था, विश्व युद्ध के दौरान वह तीन बार ऐसा कर भी चुका था और अपने विमानों को पानी में उतारने के लिए मजबूर भी किया जा चुका था और नौसेना की रिपोर्ट तथा टेलर और फ्लाइट १९ के अन्य पायलटों के बीच हुए वार्तालाप की लिखित रिकॉर्डिंग में चुंबकीय समस्याओं के कोई संकेत नहीं है।[26]

मेरी सेलेस्टी[संपादित करें]

१८७२ में मेरी सेलेस्टी (Mary Celeste) के रहस्यमय ढंग से लापता हो जाने का मामला भी बहुत कुछ परन्तु अस्पष्ट रूप से त्रिभुज से जुड़ा है, जहाज पुर्तगाल के तट पर छुट गया होगा। संभवतः यह घटना बरमूडा के तट पर सितम्बर १३ (September 13), १८६४[27] को एक समान नाम के जहाज मेरी सेलेस्टी के डूबने के साथ भ्रमित हो सकती है। कुस्चे ने लिखा है कि इस घटना के बारे में बहुत से "तथ्य " वास्तव में आर्थर कॉनन डोयल (Arthur Conan Doyle) की लघु कहानी के एक काल्पनिक जहाज मेरी सेलेस्टी से सम्बद्ध है। जे हबकुक जेफसन का वक्तव्य (J. Habakuk Jephson's Statement) मेरी सेलेस्टी की वास्तविक घटना पर आधारित है, परन्तु काल्पनिक है।

एलन ऑस्टिन[संपादित करें]

एलेन ऑस्टिन संभवतः एक लापता जहाज के करीब आ गया, उस पर सवार एक पुरस्कृत नाविक के साथ उसने १८८१ में न्यूयॉर्क जाने के लिए प्रयास किया। कहानियों के अनुसार, लापता जहाज नहीं मिला; दुसरे लोग बताते हैं कि लापता जहाज फिर दिखा पर उसका पुरस्कृत नाविक उस पर नहीं था, इसके बाद वह दुसरे पुरस्कृत नाविक के साथ फिर से गायब हो गया। लंदन के लॉयड की जाँच रिकॉर्ड १८५४ में निर्मित मेटा के अस्तित्व को साबित करते हैं; १८८० में मेटा का नाम बदलकर एलन ऑस्टिन कर दिया गया था। इस जहाज या अन्य किसी भी जहाज के लिए कोई हताहत सूची नहीं है, जिससे यह संकेत मिल सके कि बाद में लापता हुए जहाज के बोर्ड पर बड़ी संख्या में पुरूष लापता हुए थे।[28]

यूएसएस साय्क्लोप्स[संपादित करें]

इस घटना के परिणामस्वरूप अमेरिकी नौसेना के इतिहास में जीवनों का सबसे बड़ा ऐसा नुकसान हुआ जो युद्ध से संबंधित नहीं था, जब यूएसएस सायक्लोप्स के नियन्त्रण अधिकारी थे, लेफ्टिनेंट कमांडर (Lt Cdr) [[जीडब्ल्यूवरली|जी डब्ल्यू ४ मार्च, १९१८ के कुछ समय बाद, बारबाडोस द्वीप से प्रस्थान के बाद ३०९ नाविकों के साथ, वरली]] (G. W. Worley) बिना किसी चिन्ह के खो गया। हालांकि किसी भी सिद्धांत के लिए कोई मजबूत साक्ष्य नहीं है, पर व्याख्याओं के रूप में तूफान, उल्ट पलट और दुश्मन की गतिविधि, सभी सुझाए गए हैं।[29][30]

थियोडोसिया बर एल्स्टन[संपादित करें]

ठोदोसिया बर्र अलसत्न (Theodosia Burr Alston) अमरीका के पूर्व उप राष्ट्रपति (United States Vice President)हारून बर्र (Aaron Burr) की बेटी थी। त्रिभुज के संबंध में उसके गायब हो जाने को कम से कम एक बार उद्धृत किया गया है।[31] वह पैट्रियट के बोर्ड पर एक यात्री थी जो चार्ल्सटन, दक्षिण कैरोलिना (Charleston, South Carolina) से न्यूयॉर्क शहर के लिए ३० दिसंबर, १८१२ को चला था और फिर उसके बारे में कभी कुछ नहीं सुना गया। कारणों में समुद्री डकैती और १८१२ का युद्ध (War of 1812) दोनों ही बताये गए हैं, तथा इनके साथ ही उन्हें त्रिभुज के बाहर टेक्सास में रखने की कहानी भी बतायी गई है।

स्प्रे[संपादित करें]

एक नाविक के रूप में कैप्टन जोशुआ स्लोकम (Joshua Slocum) का कौशल बहस से परे था; अकेले नाव चला कर दुनिया भर की यात्रा करने वाला वह पहला आदमी था। १९०९ में, अपनी नाव स्प्रे (Spray) में वह केरिबियन (Caribbean) से वेनेजुएला (Venezuela) जाने के लिए एक मार्ग पर निकल पड़ा। वह गायब हो गया; कोई सबूत नहीं था कि जब स्प्रे खो गयी थी, तब वह त्रिभुज में ही हो। यह अनुमान लगाया गया कि वह एक स्टीमर से कुचल दिया गया हो या फिर एक व्हेल द्वारा मार दिया गया हो, स्प्रे एक वायुयान के सामान आवाज करती थी और संभावित अन्य कारणों पर विचार करने की दृष्टी से स्लोकम भी एक नाविक के रूप में बहुत अनुभवी था और १९२४ में वह कानूनी तौर पर मृत घोषित कर दिया गया। एक रहस्य के होते हुए, अपसामान्य गतिविधि के कोई ज्ञात साक्ष्य नहीं था

कैरोल एडीयरींग[संपादित करें]

[[चित्र:deering2.jpg|left|thumb|कूनर (Schooner) [[कैरोल एडीयरींग|कैरोल ए उत्तरी कैरोलिना की एक सुनसान जगह पर मिलने के दो दिन पहले डीयरींग]] (Carroll A. Deering) एक हलके पोत (lightship) केप लुकआउट (Cape Lookout) से २९ जनवरी, १९२१ को देखा गया था। (अमेरिका के तट रक्षक)]] कैरोल ए, १९१९ में निर्मित एक फाइव-मॉसटेड स्कूनर डीयरींग ३१ जनवरी, १९२१ को केप हेटेरस (Cape Hatteras), उत्तरी कैरोलिना के निकट डायमंड शोल्स पर जमीन में धंसा हुआ पाया गया। उस समय कि अफवाहें और अन्य बातें ये संकेत देती है कि डीयरींग समुद्री डकैती का शिकार हो गया था, संभवतः यह निषेध (Prohibition) के दौरान अवैध व्यापार सञ्चालन कार्यों से जुड़ गया हो और संभवतः इसके साथ एक और जहाज हो, एस॰एस॰हेविट, जो लगभग उसी समय गायब हुआ। बस कुछ ही घंटों के बाद, एक अज्ञात स्टीमर इस हलके पोत के पास से निकलकर डीयरींग के मार्ग से गुजरा और उसने इस हलके पोत के सभी संकेतों को नजरअंदाज कर दिया। ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि हेविट वह रहस्यमय जहाज हो सकता है और डीयरींग के नाविकों के गायब होने में संभवतः यह शामिल हो सकता है।[32]

डगलस डीसी - ३[संपादित करें]

२८ दिसंबर, १९४८ को, एक वायुयान डगलस डीसी-3 (Douglas DC-3) संख्या ण१६००२ (NC16002), सेन जूआन, पुएर्टो रीको से मियामी के लिए एक उड़ान के दौरान गायब हो गया। विमान या इसमे सवार ३२ लोगों का कोई निशान नहीं मिला। नागर वैमानिकी बोर्ड की जांच से संकलित दस्तावेज से, विमान के गायब होने के बारे में एक संभावित कारण मिला था, लेकिन त्रिभुज के लेखकों द्वारा इस पर बमुश्किल ही ध्यान दिया गया; विमान की बैटरियों की जांच हुई थी और पाया गया था कि उनका चार्जिंग कम था, परन्तु सेन जूआन में पायलट द्वारा उन्हें बिना चार्ज किए फिर से जहाज में लगाने के आदेश दिए गए थे। यह पूरी तरह से विद्युत् विफलता का कारण था या नहीं, यह कभी मालूम नहीं होगा। हालाँकि, पिस्टन-इंजिन वाले वायुयान अपने सिलेंडरों को चिंगारी उपलब्ध कराने के लिए एक बैटरी चलित इग्निशन कोइल (ignition coil) प्रणाली के स्थान पर मेग्नेटोस (magnetos) पर निर्भर करते हैं, इसलिए यह सिद्धांत बहुत ज्यादा विचार योग्य नहीं है।[33]

स्टार टाइगर और स्टार एरियल[संपादित करें]

ये एवरो (Avro)ट्यूडर IV (Tudor IV) यात्री विमान बिना किसी निशान के क्रमशः बरमूडा और जमैका के रास्ते में गायब हो गए थे। स्टार टाइगर ३० जनवरी, १९४८ को अज़ोरेस से बरमूडा के लिए एक उड़ान भरते हुए खो गया था।स्टार एरियल १७ जनवरी, १९४९ को बरमूडा से किंग्स्टन, जमैका (Kingston, Jamaica) के लिए एक उड़ान भरते हुए खो गया था। दोनों में से किसी भी विमान ने एक संकट कॉल नहीं किया; वास्तव में, उनके अन्तिम संदेश भी नियमित थे। उनके गायब होने का एक संभावित सूत्र १९९८ में एन्डिज़ के पहाड़ों में मिला; एक एवरो लंकस्त्रियन (Avro Lancastrian), उसी एअरलाइन द्वारा चलाया जा रहा विमान, स्टार डस्ट (Star Dust), २ अगस्त (August 2), १९४७ को ब्यूनस आयर्स, अर्जेंटीना, से सैंटियागो, चिली के लिए उड़ान भरते हुए खो गया था। इस विमान के अवशेष एक ग्लेशियर के पिघले हुए सिरे पर मिले, जो यह बताते हैं कि या तो चालक दल ने अपने उपकरणों पर ध्यान नहीं दिया, उनके उपकरण विफल हो गए थे या सैंटियागो के मार्ग पर जेटस्ट्रीम (jetstream) से आने वाली प्रमुख हवाओं का अनुसरण नहीं किया जब यह एक पर्वत की चोटी से टकराया था, जिसके परिणामस्वरूप यह पहाड़ से गिरते हुए बर्फ के ढेर में समाते हुए ग्लेशियर में जा मिला। फिर भी, स्टार टाइगर और स्टार एरियल के संबंध में तो यह सिर्फ़ अटकलें ही हैं, जब तक विमान नहीं मिल जाते। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि टाइगर स्टार मात्र की ऊंचाई पर ही उड़ान भर रहा था। , इसका अर्थ यह है कि यदि यह विमान नीचे उतरने के लिए मजबूर था, तो इसके पास संकट का संदेश भेजने के लिए कोई समय नहीं था। जेटस्ट्रीम या किसी अन्य उच्च घनत्व वाली वायु को भी कोई असर दिखाने के लिए यह ऊंचाई बहुत कम थी।[34]

केसी-१३५ स्ट्रेतोटेंकर[संपादित करें]

२८ अगस्त (August 28), १९६३ को अमरीकी वायु सेना (U.S. Air Force)सी-१३५ स्त्रेतोटेंकर (KC-135 Stratotanker) वायुयानों की एक जोड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो कर अटलांटिक में नष्ट हो गयी। इस कहानी का त्रिभुज संस्करण (वीनर, बेर्लित्ज़, गेदीस[10][13][14]) यह बताता है कि वे दुर्घटनाग्रस्त और नष्ट जरूर हुए थे, लेकिन दुर्घटना स्थल अलग अलग थे, जो अत्यधिक पानी से अलग-अलग हो गए थे। हालांकि, कुस्चे का अनुसंधान[16] दर्शाता है कि वायु सेना की जाँच रिपोर्ट के अवर्गीकृत संस्करण में कहा गया है कि दूसरे " दुर्घटना स्थल " के रूप में परिभाषित मलबा क्षेत्र की जांच एक खोजी और बचाव जहाज ने की थी, जिसे डूबने से बचाने वाले एक पुराने उपकरण (buoy) में समुद्री शैवाल (seaweed) और समुद्र में बहने वाली लकड़ी (driftwood) मिली थी।

एस एस मेरिन सल्फर क्विन[संपादित करें]

तेल से सल्फर वाहक में परिवर्तित, एक ३९ सदस्यी चालक दल वाले टी २ टैंकर (T2 tanker), एस एस मेरिन सल्फर क्विन, के बारे में अन्तिम बार ४ फरवरी, १९६३ को सुना गया कि यह फ्लोरिडा कीज़ के समीप है।मेरिन सल्फर क्विन ऐसा पहला जहाज था जिसका उल्लेख १९६४ में आर्गोसी पत्रिका[10] में छपे विंसेंट गद्दिस के लेख में था, परन्तु उसने तटरक्षक बल की रिपोर्ट के बावजूद इसे "अज्ञात जगह के लिए निकले जहाज" के रूप में छोड़ दिया जिसमे न केवल जहाज के ख़राब रखरखाव का उल्लेख था परन्तु यह भी घोषित किया गया था कि यह समुद्र के प्रतिकूल जहाज था जिसे कभी भी समुद्र में नहीं जाना था।[35][36]

राय्फुकू मारूू[संपादित करें]

त्रिभुज में घटित अधिक प्रसिद्ध होने वाली घटनाओं में एक १९२१ (कुछ लोगों का कहना है कि इसके कुछ सालों बाद हुई) में हुई, तब जापानी जहाज रैफुकू मारू (Raifuku Maru) (जिसे कभी-कभी रैकुके मारू) के रूप में समझ लिया जाता है, जो यह संकट का संदेश देने के बाद डूब गया, कि " अब कटार (DAGGER) जैसा खतरा है जल्दी आओ !", या "यह एक तरह की कटार है, जल्दी आओ !""कटार" क्या थी, इससे पानी की धार (waterspout) के साथ संभावित व्यक्ति (विनर) के रूप में लेखकों ने अटकलें लगाना प्रारम्भ कर दी। वास्तविकता में जहाज त्रिभुज के आस पास कहीं भी नहीं था, न ही "dAGGER" (कटार) ही संकट के संदेश का एक शब्द था। (" अब बहुत खतरा (DANGER) है जल्दी आओ "), जिसे २१ अप्रैल, १९२५ को हैम्बर्ग, जर्मनी के लिए बोस्टन छोड़ते वक्त भेजा गया था, जहाज एक भयानक तूफान में घिर गया और सभी लोगों के साथ उत्तरी अटलांटिक में डूब गया, जबकि दुसरे जहाज, आरएम्एस होमेरिक (RMS Homeric), ने बचाव का एक असफल प्रयास किया।[37]

कोन्नेमारा IV[संपादित करें]

२६ सितंबर (September 26), १९५५ को बरमूडा के दक्षिण में अटलांटिक में एक पर्यटन नौका बहती हुई पाई गई; कहानियो (बेर्लित्ज़, विनर)[13][14] में आमतौर पर यह कहा गया है कि तीन आँधियों के बीच नाविक लापता हो गए जबकि जहाज समुद्र में बच गया। १९५५ में अटलांटिक के आँधियों के मौसम (1955 Atlantic hurricane season) की सूची में एक ही तूफ़ान, " एडिथ "; का उल्लेख है जो बरमूडा के निकट अगस्त के अंत में आया था, दूसरा "फ्लोरा" पूर्व से बहुत दूर था और "कैटी" तब आया जब नाव बरामद हो चुकी थी। इसकी पुष्टि हो गयी थी कि कोन्नेमारा IV खाली था और बंदरगाह में था, जब "एडिथ" के कारण नाव अपने लंगर से छुट कर समुद्र में बह गयी थी।

त्रिभुज के लेखक[संपादित करें]

आधिकारिक दस्तावेजों के अलावा ऊपर उल्लेखित त्रिभुज की लोकप्रिय घटनायें निम्नलिखित कृतियों से आयी हैं। यह नोट किया जाना चाहिए कि त्रिभुज के भीतर कुछ घटनाओं के घटित होने का जो उल्लेख है, वे केवल इन स्त्रोतों में ही पायी जाती हैं।

अतिरिक्त सूचि के लिए, समाचार पत्र के सहित सन्दर्भों का प्रयोग किया जाता है, देखें बरमूडा त्रिभुज स्रोत पृष्ठ (Bermuda Triangle source page)।

यह भी देखिए[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ी[संपादित करें]

  • के लिए भूमि-कड़ी