थेटा सॅन्टौरी तारा

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थेटा सॅन्टौरी नरतुरंग (सॅन्टौरस) तारामंडल में 'ϑ' के चिह्न द्वारा नामांकित तारा है

थेटा सॅन्टौरी, जिसका बायर नाम भी यही (θ Centauri या θ Cen) है, नरतुरंग तारामंडल का एक तारा है और पृथ्वी से दिखने वाले तारों में से ५३वाँ सब से रोशन तारा है। यह हमसे ६०.९४ प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है और पृथ्वी से इसका औसत सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) २.०६ है।[1]

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

अंग्रेज़ी में थेटा सॅन्टौरी को "मॅनकॅन्ट" (Menkent) भी कहा जाता हैं। इस नाम का स्रोत ठीक से ज्ञात नहीं लेकिन यह संभव है कि यह अरबी भाषा के "अल-मन्किब अल-क़न्तूरिस" (ألمنكب ألقنتوس, 'क़' के उच्चारण पर ध्यान दें) से आया है, जिसका अर्थ है "नरतुरंग का कंधा"। "थेटा सॅन्टौरी" को अंग्रेज़ी में "थ़ेटा सॅन्टौरी" पढ़ा जाता है (इसमें 'थ़' के उच्चारण और 'सॅ' में 'ऍ' की मात्रा के उच्चारण पर ध्यान दें)। कृपया यह भी ध्यान रखें की तारामंडलों के मानचित्रों में यूनानी अक्षरमाला के 'θ' वर्ण को 'ϑ' के रूप में भी लिखा जाता है।

तारे का ब्यौरा[संपादित करें]

थेटा सॅन्टौरी एक K0 IIIb श्रेणी का नारंगी दानव तारा है। यह हमारे सूरज के द्रव्यमान (मास) का ४ गुना द्रव्यमान रखता है और सूरज की चमक (निरपेक्ष कान्तिमान) से ४५ गुना अधिक चमकीला है। इसका व्यास (डायामीटर) सूरज के व्यास का १६ गुना है। इसकी सतह का तापमान ४,५०० कैल्विन अनुमानित किया गया है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]