चीन की विशाल दीवार
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| चीन की विशाल दीवार* | |
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| युनेस्को विश्व धरोहर स्थल | |
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| राष्ट्र पार्टी | |
| प्रकार | सांस्कृतिक |
| मानदंड | i, ii, iii, iv, vi |
| सन्दर्भ | ४३८ |
| क्षेत्र† | एशिया-प्रशांत |
| शिलालेखित इतिहास | |
| शिलालेख | १९८७ (११वाँ सत्र) |
| * नाम, जो कि विश्व धरोहर सूचि में अंकित है † UNESCO द्वारा वर्गीकृत क्षेत्र |
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चीन की विशाल दीवार मिट्टी और पत्थर से बनी एक किलेनुमा दीवार है जिसे चीन के विभिन्न शासको के द्वारा उत्तरी हमलावरों से रक्षा के लिए पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर सोलहवी शताब्दी तक बनवाया गया। इसकी विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की इस मानव निर्मित ढांचे को अन्तरिक्ष से भी देखा जा सकता है।[१] यह दीवार ६,४०० किलोमीटर (१०,००० ली, चीनी लंबाई मापन इकाई) के क्षेत्र में फैली है।[२] इसका विस्तार पूर्व में शानहाइगुआन से पश्चिम में लोप नुर तक है, और कुल लंबाई लगभग ६७०० कि.मी. (४१६० मील) है। [३] हालांकि पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के हाल के सर्वेक्षण के अनुसार समग्र महान दीवार, अपनी सभी शाखाओं सहित ८,८५१.८ कि.मी. (५,५००.३ मील) तक फैली है।[४][५][६] अपने उत्कर्ष पर मिंग वंश की सुरक्षा हेतु दस लाख से अधिक लोग नियुक्त थे।[७] यह अनुमानित है, कि इस महान दीवार निर्माण परियोजना में लगभग २० से ३० लाख लोगों ने अपना जीवन लगा दिया था।[८]
चीन में राज्य की रक्षा करने के लिए दीवार बनाने की शुरुआत हुई आठवीं शताब्दी ईसापूर्व में जिस समय कुई ( अंग्रेजी :Qi) , यान( अंग्रेजी :Yan) और जाहो ( अंग्रेजी :Zhao) राज्यों ने तीर एवं तलवारों के आक्रमण से बचने के लिए मिटटी और कंकड़ को सांचे में दबा कर बनाई गयी ईटों से दीवार का निर्माण किया। ईसा से २२१ वर्ष पूर्व चीन किन ( अंग्रेजी :Qin) साम्राज्य के अनतर्गत आ गया। इस साम्राज्य ने सभी छोटे राज्यों को एक करके एक अखंड चीन की रचना की। किन साम्राज्य से शासको ने पूर्व में बनायी हुई विभिन्न दीवारों को एक कर दिया जो की चीन की उत्तरी सीमा बनी। पांचवीं शताब्दी से बहुत बाद तक ढेरों दीवारें बनीं, जिन्हें मिलाकर चीन की दीवार कहा गया। प्रसिद्धतम दीवारों में से एक २२०-२०६ ई.पू. में चीन के प्रथम सम्राट किन शी हुआंग ने बनवाई थी। उस दीवार के अंश के कुछ ही अवशेष बचे हैं। यह मिंग वंश द्वारा बनवाई हुई वर्तमान दीवार के सुदूर उत्तर में बनी थी। [९] नए चीन की बहुत लम्बी सीमा आक्रमणकारियों के लिए खुली थी इसलिए किन शासको ने दीवार को चीन की बाकी सीमाओं तक फैलाना शुरू कर दिया। इस कार्य के लिए अथम परिश्रम एवं साधनों की आवश्यकता थी। दीवार बनाने की सामग्री को सीमाओं तक ले जाना एक कठिन कार्य था इसलिए मजदूरों ने स्थानीय साधनों का उपयोग करते हुए पर्वतों के निकट पत्थर की एवं मैदानों के निकट मिटटी एवं कंकड़ की दीवार का निर्माण किया। कालांतर में विभिन्न साम्राज्य जैसे हान, सुई, उत्तरी एवं जिन्होंने दीवार की समय समय पर मरम्मत करवाई और आवश्यकतानुसार दीवार को विभिन्न दिशाओं मे फैलाया। आज यह दीवार विश्व में चीन का नाम ऊंचा करती है, व युनेस्को द्वारा १९८७ से विश्व धरोहर घोषित है।
चित्र दीर्घा
संदर्भ
- ↑ अंतरिक्ष से दिखती है चीन की दीवार (हिन्दी)। बीबीसी-हिन्दी (०५)। अभिगमन तिथि: १४ जून २००९।
- ↑ डेमियन ज़िमरमैन, ICE केस स्टडीज़: द ग्रेट वॉल ऑफ चाइना, दिसंबर १९९७
- ↑ ब्रिटैनिका विश्वकोश ऑनलाइन– चीन की महान दीवार। अभिगमन तिथि: २३ अक्तूबर २००७।
- ↑ ग्रेट वॉल ऑफ चाइना 'ईवन लॉन्गर'। बीबीसी (2009-04-20)। अभिगमन तिथि: 2009-04-20।
- ↑ चाइनाज़ ग्रेट वॉल फार लॉन्गर दैन थौट: सर्वे। AFP (2009-04-20)। अभिगमन तिथि: 2009-04-20।
- ↑ चाइनाज़ ग्रेट वॉल फार लॉन्गर दैन थौट: सर्वे। द संडे मॉर्निंग हेराल्ड (2009-04-20)। अभिगमन तिथि: 2009-04-20।
- ↑ द ग्रेट वॉल ऑफ चाइना
- ↑ डैमियन ज़िमर्मैन, द ग्रेट वॉल ऑफ चाइना, ICE केस स्टडीज़, दिसंबर, १९९७
- ↑ महान दीवार का निर्माण
बाहरी सूत्र
- युनेस्को विश्व धरोहर स्थल केन्द्र - चीन की महान दीवार
- Enthusiast/scholar वेबसाइट ((चीनी))
- महान दीवार के अंतर्राष्ट्रीय मित्र – संरक्षण पर केन्द्रित संगठन
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