चांदी का वर्क
| वर्क | |
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वर्क से सजी मिठाइयां |
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| उद्भव | |
| संबंधित देश | भारत |
| देश का क्षेत्र | भारत |
| व्यंजन का ब्यौरा | |
| मुख्य सामग्री | चांदी |
| अन्य जानकारी | भोजन को सजाने के लिए |
चांदी का वर्क या सिर्फ वर्क, (अन्य नामः वरक या वरख), अति शुद्ध चांदी से बना एक पतरा (पर्ण) है और भारत और पड़ोसी देशों जैसे कि पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश आदि में इसका उपयोग मिठाईयों और व्यंजनों को सजाने के लिए किया जाता है। चांदी को खाया जा सकता है हालांकि, यह पूर्णतया स्वादविहीन होती है। चांदी तत्व का एक बड़ी मात्रा में सेवन अर्जीरिया का कारण बन सकता है, लेकिन वर्क में इसकी बहुत ही कम मात्रा होने के कारण इसे शरीर के लिए हानिकारक नहीं माना जाता।[1]
वर्क बनाने के लिए चांदी को पीट पीट कर एक चादर में ढाला जाता है और इसकी मोटाई मात्र कुछ माइक्रोमीटर ही रह जाती है। इसे सहेजने के लिए इसे कागज की परतों के बीच रखा जाता है और इसे उपयोग से पहले इन कागजों मे से निकाला जाता है। यह बहुत ही नाज़ुक होता है और छूने पर छोटे छोटे टुकड़ों में टूट जाता है।
शाकाहारी लोगों का दावा है कि, क्योंकि वर्क बनाने के लिए चांदी को पशुओं की अति लचीली आंतों के बीच रख कर पीटा जाता है और इन आंतों का कुछ हिस्सा इस वर्क का भी हिस्सा बन जाता है इसलिए, वर्क एक तरह से एक मांसाहारी उत्पाद है।[1]
संदर्भ [संपादित करें]
- ↑ 1.0 1.1 Sarvate, Sarita (4 April 2005). "Silver Coating". India Currents. http://indiacurrents.com/news/view_article.html?article_id=b8b860cc0946bef1dbe95caddfe4bcaa. अभिगमन तिथि: 2009-07-05.
कृपया यह भी देखें: http://www.jainworld.com/jainbooks/images/20/UNIVERSAL_DECLARATION_OF_TH.htm