क्रीमिया

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युक्रेन में क्रीमिया प्रायद्वीप की स्थिति (लाल रंग में)
Crimea republic map.png
बख़्चीसराय में क्रीमिया के भूतपूर्व ख़ान का महल

क्रीमिया या क्राईमिया (अंग्रेज़ी: Crimea, क्राईमिया; रूसी: Крым, क्र्यिम; यूक्रेनी: Крим, क्रिम) पूर्वी यूरोप में युक्रेन देश का एक स्वशासित अंग है जो उस राष्ट्र की प्रशासन प्रणाली में एक 'स्वशासित गणराज्य' का दर्जा रखता है। यह कृष्ण सागर के उत्तरी तट पर स्थित एक प्रायद्वीप (पेनिनसुला) है। इस क्षेत्र के इतिहास में क्रीमिया का महत्व रहा है और बहुत से देशों और जातियों में इस पर क़ब्ज़े को लेकर झड़पें हुई हैं। 18 मार्च 2014 को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन क्रीमिया को रूसी संघ में मिलाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके साथ ही क्रीमिया रूसी संघ का हिस्सा बन गया है।[1]

भूगोल और लोग[संपादित करें]

क्रीमिया का क्षेत्रफल २६,२०० वर्ग किमी (१०,१०० वर्ग मील) है। इसपर स्थित प्रान्त की राजधानी सिमफ़रोपोल (Сімферополь, Simferopol) है। इसपर कभी क्रीमियाई तातारों की बहुतायत थी लेकिन जोसेफ़ स्टालिन के ज़माने में उन्हें ज़बरदस्ती मध्य एशिया भेज दिया गया। समय के साथ उनमें से कुछ वापस आ गए हैं और अब तातार लोग इस प्रायद्वीप की आबादी का १३% हैं। वर्तमान में इस क्षेत्र का सबसे बड़ा समुदाय रूसी लोग हैं।[2]

इतिहास[संपादित करें]

यूनानी, स्किथी, गोथ, हूण, ख़ज़र, बुलगार, उसमानी तुर्क, मंगोल और बहुत से अन्य साम्राज्यों ने वक़्त-वक़्त पर क्रीमिया पर क़ब्ज़ा जमाया है। १८ वीं सदी के बाद इसपर रूसी साम्राज्य का अधिकार बन गया और फिर १९१७ की सोवियत क्रांति के बाद यह सोवियत संघ का हिस्सा बना। २० वीं सदी के अंत में युक्रेन आज़ाद हुआ और तब से यह उस राष्ट्र का हिस्सा है।[3]

क्रीमिया संकट[संपादित करें]

26 फरवरी 2014 को हथियारबंद रूस समर्थकों ने यूक्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप में संसद और सरकारी इमारतों पर को कब्जा कर लिया।[4] २ मार्च को रूस की संसद ने भी राष्ट्रपति पुतिन के यूक्रेन में रूसी सेना भेजने के निर्णय का अनुमोदन कर दिया। [5]इसके पीछे तर्क दियागया कि वहां रूसी मूल के लोग बहुतायत में हैं जिनके हितों की रक्षा करना रूस की जिम्मेदारी है।[6] दुनिया भर में इस संकट से चिंता छा गई और कई देशों के राजनयिक अमले हरकत में आ गए।[7] 4 मार्च को रूस के राष्ट्रपति ने आँशिक रूप से यूक्रेन की सीमा पर युद्धाभ्यास रत सेनाएँ वापिस बुलाने की घोषणा कर दी, जिससे युद्ध का खतरा तो टल गया लेकिन क्रीमिया पर रूसी सैनिकों का कब्जा जारी रहा। [8]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "क्रीमिया को रूसी फेडरेशन में मिलाने के प्रस्ताव पर पुतिन ने किए हस्ताक्षर". एनडीटीवी इंडिया. मार्च 18, 2014. http://khabar.ndtv.com/news/world/putin-signs-russia-crimea-treaty-383231. अभिगमन तिथि: मार्च 19, 2014. 
  2. Crimea: dynamics, challenges and prospects, Maria Drohobycky, Rowman & Littlefield, 1995, ISBN 978-0-8476-8067-2
  3. The Crimea: Its Ancient and Modern History: The Khans, the Sultans, and the Czars, Thomas Milner, BiblioBazaar, 2010, ISBN 978-1-146-97340-3
  4. "हथियाबंद प्रदर्शनकारियों के कब्जे में यूक्रेन की सरकारी बिल्डिंग". नवभारत टाईम्स. 27 फरवरी 2014. http://hindi.economictimes.indiatimes.com/articleshow/31115001.cms. अभिगमन तिथि: 4 मार्च 2014. 
  5. http://hindi.economictimes.indiatimes.com/world/europe/putin-gets-russian-parliament-approval-to-attack-ukraine/articleshow/31232126.cms रूसी संसद ने दी यूक्रेन में आर्मी भेजने की इजाजत
  6. "रूस के साथ खड़ा है भारत". नवभारत टाईम्स. 7 मार्च 2014. http://hindi.economictimes.indiatimes.com/india/national-india/---/articleshow/31552938.cms. अभिगमन तिथि: 7 मार्च 2014. 
  7. http://hindi.economictimes.indiatimes.com/world/europe/World-scrambles-as-Russia-tightens-grip-on-Crimea/articleshow/31348485.cms यूक्रेन संकट : दुनिया बोली रुको रूस
  8. http://hindi.economictimes.indiatimes.com/articleshow/31356242.cms पुतीन के यूटर्न के बाद सेंसेक्स 250 अंक चढ़ा, निफ्टी 6300 के करीब