कौशी बंटन

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कौशी

कौशी बंटन के लिए प्रायिकता घनत्व फलन
बैंगनी वक्र मानक कौशी बंटन को निरूपित करता है।
संचयी बंटन फलन
कौशी बंटन के लिए वक्रता बंटन फलन
प्राचल x_0\! स्थान (वास्तविक)
γ > 0 पैमाना (वास्तविक)
आधार \displaystyle x \in (-\infty, +\infty)\!
अज्ञात प्रकार \frac{1}{\pi\gamma\,\left[1 + \left(\frac{x-x_0}{\gamma}\right)^2\right]}\!
संचयी बंटन फलन \frac{1}{\pi} \arctan\left(\frac{x-x_0}{\gamma}\right)+\frac{1}{2}\!
माध्य अपरिभाषित
माध्यिका x_0\!
बहुलक x_0\!
अज्ञात प्रकार अपरिभाषित
वैषम्य अपरिभाषित
अधि वक्रता-मात्रा अपरिभाषित
एन्ट्रॉपी \log(\gamma)\,+\,\log(4\,\pi)\!
आघूर्णजनक फलन मौजूद नहीं है
अभिलक्षणिक-फलन \displaystyle \exp(x_0\,i\,t-\gamma\,|t|)\!

कौशी बंटन, जिसका नामकरण ऑगस्टिन लुइस कौशी के नाम से किया गया एक सतत प्रयिकता बंटन है। इसे विशेष रूप से भौतिक विज्ञानियों में लोरेंज बंटन (हेंड्रिक लारेंज़ के नाम से नामकरण), कौशी-लोरेंज बंटन, लोरेंजीय फलन या ब्राइट-विग्नर बंटन के रूप में भी जाना जाता है। सरलतम कौशी बंटन को मानक कौशी बंटन कहा जाता है। यह यादृच्छिक चरों का बंटन है जो दो स्वतंत्र मानक प्रसामान्य यादृच्छिक चरों का अनुपात है। इसका प्रायिकता घनत्व फलन निम्न है

 f(x; 0,1) = \frac{1}{\pi (1 + x^2)}. \!

इसका संचयी बंटन फलन व्युत्क्रम स्पर्शज्या फलन arctan(x) की आकृति रखता है:

F(x; 0,1)=\frac{1}{\pi} \arctan\left(x\right)+\frac{1}{2}