बीने–कौशी तत्समक

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

बीजगणित में, बीने–कौशी तत्समक को जैक्स फिलिप मारी बिने और ऑगस्टिन लुइस कौशी के नाम पर नामाकरण किया, जिसके अनुसार[1]


\biggl(\sum_{i=1}^n a_i c_i\biggr)
\biggl(\sum_{j=1}^n b_j d_j\biggr) = 
\biggl(\sum_{i=1}^n a_i d_i\biggr)
\biggl(\sum_{j=1}^n b_j c_j\biggr) 
+ \sum_{1\le i < j \le n} 
(a_i b_j - a_j b_i) 
(c_i d_j - c_j d_i)

सभी वास्तविक तथा सम्मिश्र संख्याओं के लिए (व्यापक रूप से क्रमविनिमय वलय के तत्व)। ai = ci और bi = di, रखने पर लाग्रांज तत्समक प्राप्त होता है जो यूक्लिडीय समष्‍टि \scriptstyle\mathbb{R}^n के लिए कौशी–श्‍वार्ज असमिका का प्रबल संस्करण है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Eric W. Weisstein (2003). "Binet-Cauchy identity". CRC concise encyclopedia of mathematics (2nd ed.). CRC Press. प॰ 228. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 1-58488-347-2. http://books.google.com/books?id=8LmCzWQYh_UC&pg=PA228.