एटा महाश्वान तारा

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महाश्वान तारामंडल में स्थित एटा महाश्वान तारा

एटा महाश्वान, जिसका बायर नाम "एटा कैनिस मेजोरिस" (η Canis Majoris या η CMa) है, महाश्वान तारामंडल में स्थित एक तारा है। यह पृथ्वी से दिखने वाले सब से रोशन तारों में से एक है। यह हमसे ३,००० प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है और पृथ्वी से इसका औसत सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) +२.४५ है। यह एक परिवर्ती तारा है और इसकी चमक +२.३८ से +२.४८ मैग्निट्यूड की सीमाओं के बीच बदलती रहती है।

अन्य भाषाओं में[संपादित करें]

एटा महाश्वान को अंग्रेज़ी में "अलूड्रा" (Aludra) भी कहा जाता है। यह मूल रूप से अरबी भाषा के "अल-अज़रा" (العذرة) शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ "कन्या" होता है। ध्यान रहे कि अरबी-फ़ारसी लिपि के ذ अक्षर को हिन्दी-उर्दू और फ़ारसी बोलने वाले "ज़" उच्चारित करते हैं जबकि अरबी बोलने वाले लोग "ध" और "ज़" कि मिली-जुली ध्वनि से उच्चारित करते हैं। इसलिए इसका उच्चारण जो यूरोप पहुँचा वह "अल-अधरा" से मिलता था जो आगे बिगड़कर "अल-ऊड्रा" जैसा बन गया।

वर्णन[संपादित करें]

एटा महाश्वन एक B5 Ia श्रेणी का नीला महादानव तारा है। इसका द्रव्यमान (मास) हमारे सूरज के द्रव्यमान का ३० गुना और व्यास (डायामीटर) हमारे सूरज के व्यास का ३७.८ गुना है। इसकी निहित चमक (निरपेक्ष कान्तिमान) बहुत ही भयंकर है और हमारे सूरज की ३,००,००० (तीन लाख) गुना है। इतने बड़े तारों में नाभिकीय संलयन (न्यूक्लीयर फ्यूज़न) बहुत तेज़ी से चलता है और इनका जीवनकाल हमारे सूरज की तुलना में काफ़ी कम होता है। एटा महाश्वान हामरे सूरज से कम आयु वाला तारा है लेकिन इसका जीवन अन्तिम चरणों में है। कुछ लाख सालों में यह एक महानोवा (सुपरनोवा) धमाके में फट जाएगा। उस से पहले, अपने केंद्र का हाइड्रोजन इंधन ख़त्म होने पर, यह फूलकर एक लाल महादानव तारा बनेगा। एटा महाश्वान हमसे ३,००० प्रकाश वर्ष दूर है, यानि हम उसे वैसा देख रहें हैं जैसा वह ३,००० वर्ष पहले था। संभव है कि वास्तव में यह लाल महादानव बन भी चुका हो लेकिन हमें अभी सैंकड़ों सालों तक न पता चले।[1]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]