लाल महादानव तारा

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
लाल महादानव ज्येष्ठा तारा (अन्तारॅस) और सूरज में तुलना - टूटी लकीर से बना गोला मंगल की कक्षा (ऑर्बिट) दर्शाता है - एक छोटा लाल दानव तारा स्वाती (आर्कत्युरस) भी दिखाया गया है

लाल महादानव तारे वह महादानव तारे होते हैं जो 'K' या 'M' श्रेणी के तारे हों। यह ब्रह्माण्ड में व्यास (डायामीटर) के अनुसार सब से बड़े तारे होते हैं, हालांकि द्रव्यमान के अनुसार नहीं। आद्रा (बीटलजूस) ऐसे तारे का उदहारण है। जिन तारों का शुरू में द्रव्यमान 10 सौर द्रव्यमान से अधिक हो वह अपना हाइड्रोजन इंधन ख़त्म करने के बाद हीलियम का नाभिकीय संलयन (न्यूक्लीयर फ़्युज़न) करना आरम्भ कर देते हैं। इस चरण में वह लाल महादानव बन जाते हैं। इन तारों का सतही तापमान काफ़ी कम होता है (3500-4500 कैल्विन) और इनका आकार बहुत ही बड़ा हो जाता है। ज़्यादातर लाल दानवों का व्यास सूरज से 200-800 गुना अधिक होता है। इनका जीवनकाल लगभग 10 करोड़ वर्ष का होता है और ऐसे तारे अक्सर झुंडों में मिलते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]