हलासन

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इस आसन में शरीर की आकृति खेत मे बैल द्वारा चलायेें जानेे वाले हल जैसी होने के कारण हलासन कहते हैं। हलासन हमारे शरीर को लचीला बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे हमारी रीढ़ सदा जवान बनी रहती हैवह लचीली ओर ताकतवर होती है

सावधा‍नी[संपादित करें]

रीढ़ संबंधी गंभीर रोग अथवा गले में कोई गंभीर रोग होने की स्थिति में यह आसन न करें। आसन करते वक्त ध्यान रहे कि पैर तने हुए तथा घुटने सीधे रहें।

  • पेहली बार करते समय किसी योगा ट्रैनर की निगरानी मेंं ही करें।
  • हाई बीपी मेंं भी किसी डॉक्टर की सलाह लेकर ही इस आसन को करना चाहिए।
  • हलासन करते वक्त शरीर पे किसी भी प्रकार की जोर जबरदस्ती ना करें।

लाभ[संपादित करें]

रीढ़ में कठोरता होना वृद्धावस्था की निशानी है। हलासन से रीढ़ लचीली बनती है। मेरुदंड संबंधी ना‍ड़ियों के स्वास्थ्य की रक्षा होकर वृद्धावस्था के लक्षण जल्दी नहीं आते। हलासन के नियमित अभ्यास से अजीर्ण, कब्ज, अर्श, थायराइड का अल्प विकास, अंगविकार, असमय वृद्धत्व, दमा, कफ, रक्तविकार आदि दूर होते हैं। सिरदर्द दूर होता है। नाड़ीतंत्र शुद्ध बनता है। शरीर बलवान और तेजस्वी बनता है। लीवर और प्लीहा बढ़ गए हो तो हलासन से सामान्यावस्था में आ जाते हैं। अपानवायु का उत्थानन होकर उदान रूपी अग्नि का योग होने से कुंडल‍िनी उर्ध्वगामी बनती है। विशुद्धचक्र सक्रिय होता है।

2) वजन कम करें ( whight loss ) :- अगर आप वजन कम करने के लिए योगा करते हैं, तो हलासन को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें, यह आसन करते वक्त पेट पर जोर पडता हैं, जिससे पेट की चर्बी तो कम होती ही हैं, वजन भी कम होता हैं।


3) मधुमेह में फायदेमंद ( beneficial of diabetes ) :- जैैैसेकी की आप ने उपर पढा की यह वजन कम करने में फायदेमंद होता हैं, इसका दुसरा फायदा मधुमेही के लिए भी होता हैं, diabetes के रोगीयो को वजन ज्यादा होना काफी हानिकारक होता हैं, और यही नहीं इस आसन से रक्त परिसंंचरण भी अच्छा रेहता हैं, जिससे मधुमेही के लिए फायदा होता हैं।


4) पाचन में फायदेमंद ( beneficial of digestion ) :- अगर आप रोजाना हलासन करते हैं, तो यह पाचन में भी फायदेमंद होता हैं, यह आसन करने से कब्ज, अपज और भी कई सारे पेट की समस्या में भी लाभदायक होता हैं, और भी कई सारे पेट बिमारियों में राहत मिलती हैं।


5) बवासीर में फायदेमंद ( beneficial of piles ) :- बवासीर जिसेे पाईल्स भी कहते है, एक बहोत ही गंभीर बिमारी हैं, पर यह आसन करने से इस बिमारी को काफी हद तक कम कर सकते है।


6) चिंता और थकान ( anxiety and fatigue ) :- हलासन से थकान को भी दूर कर सकते हैं, दरअसल ऐक शोध के अनुसार यह आसन रिलँक्स करता हैं और चिंता को भी कम करने में यह आसन फायदेमंद होता हैंं।


7) त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद ( beneficial of skin and hair ) :- इस आसन को नियमित करने से चेहरे में चमक आती हैं, और इसे करते वक्त खुन का बहाव सर की तरफ ज्यादा होता हैं, जिससे बाल जड से मजबूत होते हैं।


8) सिर दर्द और दिमाग ( headache and mind ) :- नियमित हलासन करने से सिरदर्द में भी राहत मिलती हैं, और यह आसन दिमाग की नसों को राहत दिलाता हैंं, और दिमाग को शांंत करता हैंं। ( halasana -

9) रोगप्रतिकारक क्षमता बढायें ( boost immunity ) :- यह आसन नियमित करने से रोगप्ररतिकारक क्षमता बढती हैं, और यह रक्त परिसंचरण भी बेहतर बनाता हैं।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]