स्नैपचैट

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स्नैपचैट

स्नैपचैट (अंग्रेज़ी: Snapchat) एक तस्वीर और संदेश भेजने वाला मोबाइल एप है, जिसे इवान स्पीगल, बॉबी मुर्फी और रेगी ब्राउन ने बनाया है। इसकी एक खासियत ये है कि इसमें भेजा जाने वाला कोई भी संदेश अपने आप ही मिट जाता है। इसका विचार उन्हें स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाई करते समय आया था, जिसके बाद मुर्फी ने इस एप को बनाया और ये एप जुलाई 2011 को आईओएस के लिए उपलब्ध हो गया। इस एप को सितम्बर में इसके नए नाम "स्नैपचैट" के साथ शुरू किया गया।purn jankari nhe heki ese kisne bnaya

इतिहास[संपादित करें]

तस्वीर भेजने के बाद अपने आप मिट जाने वाला विचार रेगी ब्राउन को आया था, इस बात को रेगी ने इवान स्पीगल को बताया, जिसे व्यापार का पहले से अनुभव था। उन दोनों ने अपने साथ बॉबी मुर्फी को मिला लिया, क्योंकि उसे एप बनाने का अनुभव था। कुछ महीने तक तीनों साथ काम करते रहे और 8 जुलाई 2011 को इन लोगों ने स्नैपचैट को "पिकाबू" नाम से आईओएस के लिए एप लांच कर लिया। इसके बाद स्पीगल और मुर्फी ने रेगी ब्राउन को कंपनी से बाहर कर दिया।

इसके कुछ ही महीने बाद सितम्बर 2011 में इस एप को स्नैपचैट नाम से लांच किया गया।

विवाद[संपादित करें]

"गरीब देश" कहना[संपादित करें]

स्पीगल ने 2015 में कहा था कि स्नैपचैट "केवल अमीर लोगों के लिए है" और वे नहीं चाहते कि "इसका विस्तार गरीब देश जैसे भारत और स्पेन में हो"। इसके बाद से ही भारत के उपयोग करने वाले लोग इस एप को हटाने लगे और उसी के साथ साथ गूगल प्ले स्टोर और एपल के एप स्टोर में इस एप को सबसे कम रेटिंग "एक-सितारा" देने लगे। इस कारण स्नैपचैट का शेयर 1.5% तक गिर गया। उसके बाद स्नैपचैट ने कहा कि "स्नैपचैट सभी के लिए है और पूरी दुनिया में मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है"।

रिहाना विवाद[संपादित करें]

मार्च 2018 को इसमें रिहाना के बारे में एक पोल बनाया गया, जिसमें लिखा गया था कि "क्या आप क्रिस ब्राउन को मुक्का मारना चाहोगे या रिहाना को थप्पड़?" इसके बाद रिहाना ने स्नैपचैट के लिए कहा कि "वो घरेलू हिंसा पीड़ितों के लिए असंवेदनशील है" और अपने प्रशंसकों को स्नैपचैट हटाने को भी कहा था।

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ी[संपादित करें]