सामग्री पर जाएँ

सोरघुम मोजेक वाइरस

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से

सोरघम मोज़ेक विषाणु (Sorghum mosaic virus)
विषाणु वर्गीकरण
Group: समूह IV (+)ssRNA
संघ: पिसुविरीकोटा (Pisuviricota)
वंश: पोटीवायरस (Potyvirus)
जाति: सोरघम मोज़ेक विषाणु
द्विपद नाम
Sorghum mosaic virus
पर्यायवाची

SrMV

सोरघम मोज़ेक विषाणु (Sorghum mosaic virus या SrMV) पादप विषाणुओं (Phytoviruses) का एक प्रमुख रोगजनक है, जिसे 'पोटीविरिडे' (Potyviridae) कुल और 'पोटीवायरस' (Potyvirus) वंश के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।[1]

बाल्टीमोर वर्गीकरण (Baltimore classification) प्रणाली के अनुसार, यह समूह IV का धनात्मक-रज्जुक (Positive-sense) वाला एकल-रज्जुक आरएनए (+ssRNA) विषाणु है।[2] यह विषाणु मुख्य रूप से ज्वार (Sorghum), गन्ना और मक्का जैसी महत्वपूर्ण कृषि फसलों को संक्रमित करता है।

पारिस्थितिकी तंत्र में इसका संचरण (Transmission) प्राकृतिक रूप से द्रुमयूका (Aphids) द्वारा गैर-स्थायी (Non-persistent) माध्यम से होता है। इसके अतिरिक्त, दूषित कृषि उपकरणों द्वारा यांत्रिक संरोपण (Mechanical inoculation) से भी इसका प्रसार संभव है। इस विषाणु के संक्रमण के नैदानिक लक्षणों में पत्तियों पर मोज़ेक (हरिमाहीन चितकबरापन) उभरना शामिल है, जिससे पौधों की वृद्धि अवरुद्ध होती है और फसल उत्पादन (Yield) में भारी कमी आती है।

  1. "ICTVdB Virus Description - 00.057.0.01.060. Sorghum mosaic virus". phene.cpmc.columbia.edu. मूल से से 3 अगस्त 2007 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2026-03-19.
  2. "The Big Picture Book of Viruses - Baltimore Listing". www.virology.net. मूल से से 15 जनवरी 2000 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2026-03-19.