सिरमौर

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सिरमौर राजपूत बिहार राज्य के मगध क्षेत्र में एक प्रमुख राजपूत वंश है।सिरमौर का अर्थ सिर का मुकुट अथवा सिर का मौर (सर्वश्रेष्ठ) इनके बारे में कहा जाता है कि ये मध्यकालीन बिहार के राजनीतिक इतिहास में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।दक्षिण बिहार के गया में इनका गढ़ है। इनका संबंध प्रसिद्ध बैस राजपूत वंश से है। जिस वंश में राजा हर्षवर्धन और ध्यानचंद जैसे महान व्यक्ति हुए थे।इनका आगमन लगभग 15वी सताब्दी में बैसवारा से हुआ था,जो कि बैस राजपूत का प्रमुख स्थान है। इनका संबंध बैसवारा के शाही राजपरिवार से है। इनकी वीरता को देखकर एक महान राजा ने राजपूतो के सिरमौर की उपाधि दी।ये अपना पूर्वज राजा हर्षवर्धन को मानते है जिन्होंने 7वी सताब्दी में सम्पूर्ण उत्तरी भारत पर राज्य किया था।जिन्हें आर्यावर्त के अंतिम हिन्दू सम्राट भी कहा जाता है। यहां आकर इन्होंने अपनी वीरता से गया जिले के एक बड़े क्षेत्रो पर अधिकार कर लिया।आज भी सबसे ज्यादा सिरमौर राजपूत गया जिले में ही निवास करते है।