सामाजिक अपवर्जन

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सामाजिक अपवर्जन (social exclusion या marginalization) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी समूह को मुख्य धारा से निकालकर सीमान्त (मार्जिन) पर पहुँचा दिया जाता है। 'सामाजिक अपवर्जन' का यूरोप में खूब प्रयोग किया जाता है। सबसे पहले फ्रांस में प्रयुक्त हुआ था। इसका प्रयोग शिक्षा, समाज, राजनीति, अर्थनीति, मनोविज्ञान आदि विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। देखा जाय तो समाज मे हाशिए पर वही लोग है जो शिक्षित नही है या जिन्हे शिक्षा से वंचित रखा गया है। इस प्रकार के वर्ग में मुख्यतः महिलाएँ, दलित, जनजातीय समूह आते है। जो कहीं ना कहीं सामाजिक अधिकारो से वंचित हैं अऔर समाज मे अपवर्जन या हाशिए पर है।