साईं दाता

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दाता पंंथ उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले के मंंजनाावा नामक गांव में जन्मे दाता मोहन शाह द्वारा शुरू किया गया। इनके चार मुख्य शिष्य थे, जिन्होंने चार जगह पर आश्रम स्थापित किए।

  • साधना पद्धति*- शिष्य गण अपने गुरु के निर्देशन में निराकार ईश्वर अर्थात सद्गुरु की आराधना करते हैं।

आश्रम सरंचना- इस पंथ के प्रायः सभी आश्रम आज भी भौतिक चकाचौंध से कोसों दूर हैं। लकड़ी और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों से बड़ी-बड़ी कुटिया बनाई जाती हैं।कई जगह पक्के आवास भी बनाए जाने लगे हैं, किन्तु सभी आश्रम चारों ओर से पेड़-पौधो से घिरे हुए हैं।

  • प्रमुख आश्रम*

मंजनाई- दाता मोहन शाह की जन्मस्थली पर स्थापित यह आश्रम , फैजाबाद के दक्षिण में रायबरेली रोड पर कुचेरा बाजार से लगभग 5 किमी पश्चिम में स्थित है। जनौरा-

ये NH28 पर फैजाबाद -अयोध्या  के मध्य में हाइवे पर  एक सुन्दर उद्यान में स्थित है। यहां पर बांस  के झुरमुट के बीच बड़े बड़े पेड़ हैं।साफ सुथरे परिसर में लकड़ी और बांस से बनी कलात्मक झोपड़ियों में आश्रमवासी सन्त रहते हैं।वर्तमान में दाता धन्य शाह आश्रम प्रमुख हैं।

बुन्देलखण्ड- हमीरपुर जिले में कई आश्रम है। ग्राम- बिवार में जन्मे दाता हकसफा शाह ने फैजाबाद के मजनाई आकर दाता मोहन शाह की परम्परा में साधना की। वापस लौटकर विवार से 6 किमी पूर्व कोइलहा गांव के पास जंगल में आश्रम बनाया। दाता हकसफा शाह द्वारा स्थापित आश्रम आज भी हजारों श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र है।।

बांधुर बुजुर्ग -- बिवार गांव से 5 किमी पश्चिम में सरीला मार्ग पर स्थित बांधुर गांव में दो आश्रम हैं। छोटे आश्रम के प्रमुख दाता एन कानून शाह हैं। बड़े आश्रम में महिला दाता प्रमुख हैं।।

जालौन जिला- जोल्हुपुर -हमीरपुर मार्ग पर स्थित रामपुर गांव में आश्रम है।। कानपुर जिला

 कानपुर-हमीरपुर मार्ग पर घाटमपुर से हमीरपुर के बीच पश्चिम दिशा में गुजेला गांव में  दाता  आदि शाह द्वारा आश्रम स्थापित है।

वर्तमान में दाता निर्मल शाह व सती सतमन शाह आश्रम प्रमुख हैं।