सर्जना (पत्रिका)

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सर्जना[संपादित करें]

सर्जना बी. आई. टी., सिंदरी से प्रकाशित होने वाली वार्षिक संस्थान पत्रिका है। इसका माध्यम हिंदी और अंगरेजी दोनों है। यह मुख्या रूप से साहित्य को समर्पित है। इस पत्रिका का आरम्भ सामानांतर के नाम से हुई कालांतर में इसका नाम सर्जना हो गया। इसके मुख्या संरक्षक निदेशक, बी. आई. टी., सिंदरी श्री एस.के.सिंह. हैं। इसके वर्तमान संयोजक डॉ॰ए. के. एस. चौधरी हैं। इसके मुख्य प्राध्यापक श्री रवि शंकर प्रसाद हैं। इसके वर्तमान मुख्य संपादक श्री मनीष वत्स हैं।

चयन प्रक्रिया[संपादित करें]

इसके सदस्यों का चयन बी. आई. टी., सिंदरी के प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के बीच से होता है। सर्जना में चयन हेतु रचनाशीलता, सहज साहित्यिक प्रतिभा की परख की जाती है। इसके लिए एक लिखित परीक्षा हिंदी अथवा अंग्रेजी में ली जाती है। तत्पश्चात अंतर्वीक्षा का एक सत्र होता है। इनका चयन सर्जना में पत्रकार के रूप में प्रारंभ होता है।


सर्जना और सर्जना वितान[संपादित करें]

सर्जना वितान सर्जना के पूर्ववर्ती सदस्यों द्वारा संचालित मुख्य मार्गदर्शी संस्था है। तथापि इसमें सर्जना के अंतिम वर्ष के छात्र भी शामिल हैं। इसका वार्षिक आयोजन सर्जना विसंवाद है। इसका आयोजन एक साहित्यिक महोत्सव कि तरह होता है।