सरस सलिल

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सरस सलिल हिन्दी की लोकप्रिय पाक्षिक पत्रिका है। लेकिन पत्रिका में ज्यादातर अश्लीलता भरी होती है इसलिए परिवारक पत्रिका इसे नही कहा जा सकता।ज्यादातर इस पत्रिका के हर पाक्षिक अंक में हिन्दू देवीदेवताओं और धर्म के खिलाफ लिखा होने के कारण इस पत्रिका को हिन्दू विरोधी पत्रिका भी माना जाता है। इसे हिंदू विरोधी इस लिए माना जाता है क्योंकि यह केवल हिन्दू धर्म एवं उनके त्यौहारों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण ढंग से लिखता है। जिसका मुख्य कारण इसका नेतृत्व कट्टर वामपंथियों के हाथ में होना है। ये हमेशा प्रयास रहते है कि हिन्दुओं को जाति के आधार पर टुकडों में बांटा जाए।

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