सरस सलिल

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सरस सलिल हिन्दी की लोकप्रिय पाक्षिक पत्रिका है। लेकिन पत्रिका में ज्यादातर अश्लीलता भरी होती है इसलिए परिवारक पत्रिका इसे नही कहा जा सकता।ज्यादातर इस पत्रिका के हर पाक्षिक अंक में हिन्दू देवीदेवताओं और धर्म के खिलाफ लिखा होने के कारण इस पत्रिका को हिन्दू विरोधी पत्रिका भी माना जाता है। इसे हिंदू विरोधी इस लिए माना जाता है क्योंकि यह 80% वंचित जनता का पक्ष लेती है और उनकी सामाजिक आर्थिक राजनीतिक समस्याओं के साथ खुले शब्दों में व्यक्तिगत व पारिवारिक समस्याओं को बेहिचक पेश करती है जो पुरातनपंथी कट्टरपंथी लोगों को चुभता है कि सच क्यों कहा जा रहा है.

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