समावयवी
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समावयवी (अंग्रेजी:Isomer) समान आणविक सूत्र वाले अणु या बहुपरमाणुक आयन होते हैं। अर्थात, प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान परंतु परमाणुओं के स्थानकी व्यवस्था अलग-अलग होती है। [1] समावयवता का तात्पर्य समावयवियों के स्थिति या संभावना से है।
समावयवी आवश्यक रूप से समान रासायनिक या भौतिक गुणों को साझा नहीं करते हैं। समावयवता के दो मुख्य रूप हैं, संरचनात्मक या संगठनात्मक समावयवता, जिसमें परमाणुओं के बीच भिन्न बंधन होते हैं ।और दूसरा त्रिविम समावयवता या स्थानिक समावयवता, जिसमें बंधन समान होते हैं लेकिन परमाणुओं की सापेक्ष स्थिति भिन्न होती है। संरचनात्मक समावयवियों में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है (इसलिए समान आणविक सूत्र), लेकिन परमाणु अलग-अलग तरीकों से जुड़े होते हैं। [2]
संरचनात्मक समावयव
[संपादित करें]संरचनात्मक समावयव में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है (इसलिए समान आणविक सूत्र), लेकिन परमाणु अलग-अलग तरीकों से जुड़े होते हैं।[3]
उदाहरण: C3H8O
[संपादित करें]उदाहरण के लिए, आणविक सूत्र :

सन्दर्भ
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- ↑ पेट्रुकी, राल्फ एच.; हारवुड, विलियम एस.; हेरिंग, एफ जेफ्री (2002). General chemistry: principles and modern applications (8th ed.). Upper Saddle River, N.J: Prentice Hall. p. 91]. ISBN 978-0-13-014329-7. LCCN 2001032331. ओसीएलसी 46872308.
- ↑ पेट्रुकी, राल्फ एच.; हारवुड, विलियम एस.; हेरिंग, एफ जेफ्री (2002). General chemistry: principles and modern applications (8th ed.). Upper Saddle River, N.J: Prentice Hall. p. 91]. ISBN 978-0-13-014329-7. LCCN 2001032331. ओसीएलसी 46872308.
- ↑ स्मिथ, जेनिस गोरज़िन्स्की (2010). सामान्य, जैविक और जैविक रसायन (1st ed.). McGraw-Hill. p. 450. ISBN 978-0-07-302657-2.